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गरीबों के 'राशन' पर 'अमीरों' का 'डाका': 48 हजार 'आपात्र' हुए बेनकाब, करोड़ों की योजना पर सवाल ?
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गरीबों के ‘राशन’ पर ‘अमीरों’ का ‘डाका’: 48 हजार ‘आपात्र’ हुए बेनकाब, करोड़ों की योजना पर सवाल ?

शरद मिश्रा सम्पादक सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • शरद मिश्रा

बांदा। गरीबों के ‘पेट का निवाला आखिर कौन खा’ रहा था ? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि गरीबों के लिए चलाई जा रही ‘मुफ्त राशन योजना’ में ‘बड़ा खेल’ सामने आया है। शासन की जांच में ‘चित्रकूट मंडल के करीब 48 हजार’ ऐसे राशन कार्डधारकों की ‘पहचान’ हुई है, जो ‘पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते, फिर भी वर्षों से मुफ्त राशन का लाभ’ ले रहे हैं।

गरीबों के राशन पर अमीरों का 'डाका':48 हजार 'आपात्र' हुए बेनकाब,करोड़ों की योजना पर सवाल ?सूची में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल होने का दावा है, जिनका ‘जीएसटी टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक एवं उनके पास कार, पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि’ या ‘दो लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय’ है। यहां तक कि कुछ लोग कंपनियों के निदेशक भी बताए गए हैं। अब प्रश्न यह उठ रहा है कि ‘गरीबों का हक आखिर इतने लंबे समय तक कौन और कैसे खाता’ रहा ? राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल ‘पात्र परिवारों को ही राशन का लाभ’ मिलना चाहिए।

गरीबों के राशन पर अमीरों का 'डाका':48 हजार 'आपात्र' हुए बेनकाब,करोड़ों की योजना पर सवाल ?इसी उद्देश्य से शासन ने मंडल के बांदा, चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर जिलों को 47,886 आपात्र राशन कार्डधारकों की सूची भेजकर उनके ‘कार्ड निरस्त’ करने के निर्देश दिए हैं। शासन का कहना है कि सूची लगातार अपडेट की जा रही है और अन्य श्रेणियों के आपात्रों की पहचान भी जारी है। हालांकि कार्रवाई की रफ्तार पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब तक मंडल में केवल 28,586 राशन कार्ड निरस्त किए जा सके हैं, जो कुल चिन्हित आपात्रों का 59.69 प्रतिशत है।

गरीबों के राशन पर अमीरों का 'डाका':48 हजार 'आपात्र' हुए बेनकाब,करोड़ों की योजना पर सवाल ?बांदा ने सबसे ‘बेहतर प्रदर्शन करते हुए 14,439 में से 12,425 कार्ड निरस्त’ किए हैं। हमीरपुर और महोबा में भी अपेक्षाकृत बेहतर कार्रवाई हुई है, लेकिन ‘चित्रकूट की स्थिति सबसे कमजोर’ रही। यहां 9,507 ‘आपात्र कार्डधारकों की सूची मिलने के बावजूद अब तक सिर्फ 76 राशन कार्ड ही निरस्त’ किए गए हैं, जिससे ‘कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठ’ रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि ‘शेष आपात्र कार्ड कब निरस्त’ होंगे और ‘गरीबों के हिस्से का राशन लेने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई’ की जाएगी। यह अभियान केवल कार्ड निरस्त करने तक सीमित रहेगा या नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी जांच होगी,इस पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

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