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October 13, 2026
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अंधेरे में 'तड़पता गांव' और 'कुंभकर्णी नींद' में बिजली विभाग: 'करंटहीन' व्यवस्था हुई बेनकाब !
उत्तर प्रदेशबुंदेलखंड

अंधेरे में ‘तड़पता गांव’ और ‘कुंभकर्णी नींद’ में बिजली विभाग: ‘करंटहीन’ व्यवस्था हुई बेनकाब !

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। विकास के दावों और सरकारी योजनाओं की चमक के बीच तिंदवारा गांव की हकीकत व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। यहां ग्रामीण पिछले 105 घंटे से अंधेरे और गर्मी की मार झेलने को मजबूर हैं, जबकि गांव में करीब चार महीने पहले टूटे 25 बिजली के खंभे आज भी अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चार महीने तक बिजली विभाग क्या करता रहा?

अंधेरे में 'तड़पता गांव' और 'कुंभकर्णी नींद' में बिजली विभाग: 'करंटहीन' व्यवस्था हुई बेनकाब !ग्रामीणों का आरोप है कि एक ट्रक की टक्कर से सड़क किनारे लगे 25 बिजली के खंभे धराशायी हो गए थे। हादसे के बाद उम्मीद थी कि विभाग तत्काल कार्रवाई करेगा, लेकिन समय बीतता गया और जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी। नतीजा यह हुआ कि अब पूरा गांव बिजली संकट से जूझ रहा है। तापमान आसमान छू रहा है, पंखे बंद हैं, कूलर शोपीस बन चुके हैं और रातों की नींद गायब हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न होने से पीने के पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है।

अंधेरे में 'तड़पता गांव' और 'कुंभकर्णी नींद' में बिजली विभाग: 'करंटहीन' व्यवस्था हुई बेनकाब !ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। न तो कोई स्थायी समाधान हुआ और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा। मामला केवल बिजली कटौती तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों ने विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पैसे लिए कोई काम नहीं किया जाता। ट्रांसफार्मर खराब हो या लाइन फॉल्ट, हर समस्या के समाधान के लिए कथित तौर पर ग्रामीणों से धन उगाही की जाती है।

अंधेरे में 'तड़पता गांव' और 'कुंभकर्णी नींद' में बिजली विभाग: 'करंटहीन' व्यवस्था हुई बेनकाब !इन आरोपों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते खंभों को बदल दिया जाता, तो आज गांव को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता। लंबे इंतजार और अधिकारियों की उदासीनता से तंग आकर ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच और तत्काल बिजली बहाली की मांग की। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क जाम और चक्का जाम जैसे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

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