City News Uttar Pradesh
बांदा में करोड़ों का 'फर्जी बैनामा' : माफिया तंत्र 'बीस साल' बाद 'बेनकाब' !
उत्तर प्रदेश

बांदा में करोड़ों का ‘फर्जी बैनामा’ : माफिया तंत्र ‘बीस साल’ बाद ‘बेनकाब’ !

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। जिले में एक ऐसा “खुलासा” हुआ है, जिसने “जमीन माफियाओं के हौसलों” और “सिस्टम की खामियों” दोनों को “बेनकाब” कर दिया है। यहां एक “महिला की मौत” के “दो दशक” बाद भी उसे “जिंदा” दिखाकर उसकी “जमीन बेच” दी गई। यह “खेल चुपचाप” “बीस साल” तक चलता रहा ! यह सिर्फ “धोखाधड़ी” नहीं, बल्कि एक सुनियोजित “माफिया तंत्र” की कहानी है, जहां “कागजों पर मौत भी हार गई” और “फर्जीवाड़ा जीत गया”

बांदा में करोड़ों का 'फर्जी बैनामा' : माफिया तंत्र 'बीस साल' बाद 'बेनकाब' !

पीड़ित महेशवरा के मुताबिक, उनके पिता बल्देव की मौत करीब 25 साल पहले हो चुकी थी। इसके बाद जमीन उनकी मां फुलिया के नाम चढ़ी। लेकिन जब मां की भी करीब 20 साल पहले मौत हो गई, तो कहानी यहीं खत्म नहीं हुई बल्कि यहीं से शुरू हुआ ‘फर्जीवाड़े का खेल’। नामांतरण न होने की लापरवाही को हथियार बनाकर आरोपियों ने मृत महिला को जिंदा बना दिया और जमीन का बैनामा करा डाला।

बांदा में करोड़ों का 'फर्जी बैनामा' : माफिया तंत्र 'बीस साल' बाद 'बेनकाब' !

आरोप है कि इटवा गांव निवासी खेमचंद्र पाल ने अपनी ही दादी नई देवी को फुलिया के रूप में पेश किया। फर्जी पहचान, नकली दस्तावेज और कथित मिलीभगत इन सबके जरिए जमीन को आजम नाम के व्यक्ति के नाम कर दिया गया। सवाल उठता है क्या यह सब बिना किसी ‘अंदरूनी सपोर्ट’ के संभव है? पीड़ित का दावा है कि यह कोई एक मामला नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो वर्षों से इसी तरह जमीनों पर कब्जा कर रहा है। इस गिरोह ने कई और लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है। मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बांदा में करोड़ों का 'फर्जी बैनामा' : माफिया तंत्र 'बीस साल' बाद 'बेनकाब' !

आरोपियों में आजम खान, राजेश चक्रवर्ती,नेम कुमार उर्फ रज्जू,अनिल प्रजापति,भागवत प्रसाद, दिलीप कुमार सिंह, नाहिद मास्टर, खेमचंद्र पाल, केदार पाल और नई देवी शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि जांच जारी है और जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। विचारणीय यह है की आखिर 20 साल तक यह खेल चलता रहा। किसी को “भनक” तक नहीं लगी ? क्या “रजिस्ट्री कार्यालय” में “आंख मूंदकर” दस्तावेज “पास” होते रहे ? क्या इस खेल में सिस्टम के भीतर बैठे लोग भी शामिल हैं ? यह मामला सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि प्रशासनिक ‘नाकामी’ का ‘जीता-जागता’ उदाहरण बन गया है!

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

चित्रकूट में ‘सलमान’ और ‘शाहरुख’ बने आकर्षण का केंद्र: देश-विदेश से पहुंचे व्यापारी

City News Uttar Pradesh

छात्रों की ‘अनोखी दास्तान’: बोर्ड कॉपियों में गाने और चुटकुले’,भावुक संदेशों ने ‘खींचा ध्यान’

City News Uttar Pradesh

बड़ी दुर्घटना : इनोवा व टेंपो की जोरदार भिड़ंत, हादसे में पांच की मौत, कई लोग गंभीर !

ट्रैक पर आग की लपटें देखकर रोकी महाकौशल एक्सप्रेस, आधी रात जंगल में एक घंटे खड़ी रही ट्रेन

विधायक प्रकाश का भाषण सुन गदगद हुई नियुक्ति पत्र पाकर स्वास्थ कार्यकत्री

City News Uttar Pradesh

सदर विधायक प्रकाश बोले : करो प्रतिदिन योग और रहो निरोग

City News Uttar Pradesh
ब्रेकिंग न्यूज़