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October 10, 2026
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Banda : माफिया डान मुख्तार के गुर्गों के ठिकाने पुलिस के कैमरों में ! …

 

  • विनोद मिश्रा

बांदा। माफिया डान मुख्तार अंसारी के के गुर्गों के सुरक्षित किराये के ठिकानों पर पुलिस की पैनी नजरें हैं। संभावित ठिकानों पर भी पुलिस की आंखे निग़हबान हैं !


पिछली बार दो साल तक बांदा जेल माफिया मुख्तार अंसारी के रहने के दौरान उसके तमाम गुर्गे यहां किराये के मकानों पर शरण लिए थे। पॉश इलाकों और घनी बस्तियों वाले वो मकान उनके लिए किराये के सुरक्षित ठिकानों के तौर पर थे। मतलब, कोई रिकार्ड नहीं होने से वह पूरी तरह सुरक्षित थे। अबकी इन किराये के मकानों’पर पुलिस की निगाह है। ऐसे डेढ़ दर्जन मकानों की फोटोफिलहाल पुलिस के पास पहुंच है। इस बार गुर्गो के यहां आते ही उन्हें दबोच लेने की योजना है।


खुफिया सूत्रों से पुलिस को पता चला है कि माफिया मुख्तार के कुछ गुर्गे उसके बांदा जेल पहुंचने से पहले ही अपना ठिकाना ढूंढ चुके हैं। जेल की किलाबंदी तो हो गई है, लेकिन उनके ठिकानों को लेकर भी मंगलवार से ही पुलिस सक्रिय है। बताते हैं, माफिया जब पिछली बार बांदा जेल में बंद था, तब उसके परिवारीजन खाईपार मोहल्ले के एक घर में रहते थे। मुख्तार की जेल में तबीयत खराब होने पर ही कुछ ही देर में परिवारीजन के साथ ही उसके करीब सौ गुर्गे पहुंच गए थे। उसी समय माफिया के शूटरों के बांदा में होने की बात सामने आई थी। करीब 15 माह बाद फिर मुख्तार पुराने ठिकाने में वापसी आया है। इसलिए पुलिस चौकन्ना है।
पुलिस उन मकान मालिकों की कुंडली खंगाल रही है, जहां पिछली बार माफिया के गुर्गो ने शरण पाई थी। उन मकानों की फोटो के साथ पूरा ब्योरा पुलिस फाइलों में दर्ज कर लिया गया है। अब घनी बस्तियों के कुछ और मकानों का ब्योरा लेने की कोशिश हो रही है, जहां गुर्गे इस बार ठिकाना बना सकते हैं।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिछली बार शरण देने वालों में कुछ नामचीन लोग भी हैं। पुराने संबंधों के आधार पर उसके कुछ स्वजन को शरण दी गई थी। खाईपार, स्वराज कालोनी समेत घनी बस्तियों में उनके ऐसे मकान है, जहां छिपकर रहना मुफीद है।
चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के आइजी के. सत्यनारायण ने हमीरपुर, चित्रकूट, बांदा व महोबा जिलों के पुलिस अफसरों को भी इसके लिए सतर्क कर चुके हैं। बाहरी के शरण लेने पर उसका ब्योरा रखने को कहा है। किरायेदारों का सत्यापन कराने के साथ ही जेलों में आने वाले नए बंदी का ब्योरा प्रतिदिन भेजने की बात कही है।


माफिया मुख्तार बांदा जेल से 21 जनवरी 2020 को पंजाब के रोपड़ जिले की रूपनगर जेल में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद करीब 54 बार उसको उप्र के केसों को लेकर वापस लाने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार तारीख मिलती रही। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वह 15 माह बाद वापस आया है।


( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

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