
- शरद मिश्रा
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को एक तीखा बयान जारी कर उन साधु-संतों को आड़े हाथों लिया जो आए-दिन सुर्ख़ियों में रहने के लिए बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर विवादित बयानबाजी करते रहते हैं।
– मायावती की सख्त नसीहत
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भारतीय संविधान के निर्माण में बाबा साहब अंबेडकर के अतुल्य योगदान के बारे में सही जानकारी न होने के कारण साधु-संतों को अनर्गल बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी के पास तथ्य नहीं हैं तो इस विषय पर चुप रहना ही उचित होगा।

– मनुस्मृति विरोध पर भी बोलीं मायावती
मायावती ने आगे कहा कि बाबा साहब के अनुयायी मनुस्मृति का विरोध क्यों करते हैं, यह बात उन लोगों को समझनी चाहिए जो जातिवादी द्वेष की भावना से ग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अपनी मानसिकता बदलें और बाबा साहब के विचारों की गहराई को समझें।
– ‘अंबेडकर की विद्वता बेमिसाल’
बसपा प्रमुख ने बाबा साहब को महान विद्वान बताते हुए कहा कि उनकी विद्वता की बराबरी कोई साधु-संत नहीं कर सकता। लिहाज़ा बाबा साहब पर टीका-टिप्पणी करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए। कुल मिलाकर, मायावती ने अपने बयान के ज़रिए यह साफ कर दिया है कि बसपा बाबा साहब अंबेडकर की विरासत पर किसी भी तरह की विवादित टिप्पणी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
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