- विनोद मिश्रा
बांदा। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का 11वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। पद्मश्री से सम्मानित वाराणसी के प्रगतिशील किसान चंद्रशेखर पहुंचे और खेती को उत्तम बनाने पर बल दिया।

विवि के कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि खेती को आगे बढ़ाने के लिए उसे उद्यम के रूप में विकसित करना होगा। इस दिशा विश्वविद्यालय के सभी वैज्ञानिकों एवं छात्र छात्राओं के साथ किसानों को कार्य करना होगा। कृषि छात्र अपने शैक्षणिक जीवन से ही कृषि उद्यमी बनने के बारे मे सोचें। किसान अपने उत्पाद को बिचौलियों के हाथ न बेच कर सीधे उपभोक्ता को बेचें।

प्रगतिशील किसान चंद्रशेखर ने कहा कि छात्र ही देश का भविष्य हैं, अच्छे भारत के निर्माण के लिए कृषि को सु²ढ़ बनाने में जुटें। कृषि में नवाचार एवं कृषकों के ज्ञानवर्धन के लिए किसान मेला व गोष्ठी के साथ वैज्ञानिकों से बातचीत अति आवश्यक है। बुंदेलखंड के किसान विश्वविद्यालय एवं वैज्ञानिकों की मदद से खेती को एक फायदे का व्यवसाय बना सकते हैं।

उन्होंने बुंदेलखंड की धरती को गौरवशाली बताते हुए कहा कि कृषि को नए ²ष्टिकोण से प्रस्तुत करने के लिए विश्वविद्यालय अच्छा कार्य कर रहा है। वैज्ञानिक यहां की कृषि की दशा एवं दिशा बदल रहे हैं। छात्रों से अपील की कि वह कम से कम अपने घर की खेती को वैज्ञानिक तरीके से करने के बारे में सोचें। अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने कहा कि पद्मश्री चंद्रशेखर ने 20-25 साल कड़ी मेहनत कर धान की कई प्रजातियां विकसित की हैं। अन्य कृषकों के लिये मार्गदर्शन का कार्य कर रहे हैं। जनसंपर्क अधिकारी डॉ. बीके गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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