- शरद मिश्रा
बांदा। बुंदेलखंड का मशहूर और परंपरागत कजली महोत्सव व मेला मंगलवार को शहर से लेकर गांवों तक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम कजली विसर्जन रहा। जगह-जगह मेले लगे और दंगल में दांव पेच हुए।

बांदा शहर के छाबी तालाब में सुबह विभिन्न इलाकों से महिलाओं के जत्थों द्वारा लाई गईं कजलियां विसर्जित की गईं। इस बीच महिलाएं सावन के गीत गातीं रहीं। छाबी तालाब में मेला लगा। शाम को नवाब टैंक में भी कजली विसर्जन व दंगल हुआ। इसमें बड़ी संख्या में शहर और गांव के लोग शामिल हुए।

कालिंजर में चंदेल कालीन समय से चला आ रहा कजली महोत्सव परंपराओं के साथ मनाया गया। नगर में दोपहर को शोभायात्रा निकली। इसमें हाथी, घोड़ा, ऊंट और कजली लिए महिलाएं शामिल थीं। झांकियों में आल्हा-ऊदल, सैय्यद चाचा, बौना चोर, पृथ्वीराज, मलहना का डोला, शंकर जी आदि शामिल रहे।

बेला तालाब में शोभा यात्रा का समापन हुआ। इधर बांदा शहर से लगे मवई गांव में रक्षा बंधन के दिन ही कजली महोत्सव की धूम रही। महिलाओं नें सावन एवं कजली गीतों के बीच गोसाईं तालाब में कजलियों का विसर्जन किया। इस दौरान मेले सा दृश्य उपस्थित रहा।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2024/02/Picsart_22-08-23_02-31-51-905-scaled.jpg)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2024/02/Picsart_22-05-19_02-24-18-152-scaled.jpg)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
