- विनोद मिश्रा
बांदा : सिंचाई विभाग जिले में भ्रष्टाचार की सिंचाई करने में मस्त हैं, उस पर नकेल कैसे कसे यह ज्वलंत प्रश्न के साथ ही बिल्ली के गले में घंटी बांधने के समान हैi इस संदर्भ में डीएम आनन्द सिंह नें सिंचाई व्यवस्था और इसके विभागीय अधिकारियों को दुरुस्त करनें का बीड़ा उठा लिया है। ग्रामीणों नें नहरों की सफाई के नाम पर घोटाले के आरोप डीएम आनन्द सिंह से लगाये थे।बताया कि टेल तक नहरों का पानी ही नहीं पहुंचता । अंतिम छोर तक पानी न आने से लगभग 500 बीघा खेती सिंचाई से वंचित है।

महुआ ब्लाक के जरर, खोही, छनिहा पुरवा, रघुवा पुरवा आदि गांवों में नहरों से 500 बीघे की फसले सिंचाई से वंचित है। यह समस्या डीएम आनन्द सिंह की जानकारी में आई तो उनका सवेदनशील मन विचलित हो गया। उनके निर्देश पर सिंचाई विभाग के अभियंताओ की टीम इन गावों में पहुंची । जरर गांव में किसानों ने बताया कि गांव के बड़े तालाब को केन नहर से जोड़ने की मांग लंबे अरसे से की जा रही है। नहर में टेल तक पानी न आने से तमाम खेत सूखे रहते हैं। सिंचाई विभाग अभियंताओं ने तालाब को नहर से जोड़ने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माइनर में कभी पानी नहीं आया, जबकि हर साल सिल्ट सफाई के नाम पर भारी-भरकम रकम निकाली जाती है।

ठेकेदार खानापूरी कर चले जाते हैं। किसानों को भरोसा दिलाया यहां लघु डाल नहर विभाग के जिम्मे नहर है। मौके पर सिंचाई विभाग (प्रखंड तृतीय) के अभियंता अनूप कुमार व जेई शुभम, केन नहर प्रखंड के एई गया प्रसाद, जेई गरुण देव, वन विभाग के रेंजर आदि शामिल रहे।यह अपनी नहरों के दिवालियापन की हकीकत भरी रिपोर्ट डीएम को सौंपेगा। डीएम इसके बाद मौके पर जाकर रिपोर्ट की हकीकत का जायजा लेगें।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )


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