- विनोद मिश्रा
बांदा। जिले में आश्चर्य भरी खबर है। अधिकांश तालाब ताजमहल बन गये। कुछ दुर्भाग्य वश नाले में तब्दील हैं। अधिकारी अब पुराने तालाबों को इस फिल्मी गाने “ढूँढ़ो- ढूँढ़ो रे साजना मोरे कान का बाला” की तर्ज पर खोज रहें हैं। तालाबों का यह जादू भरा स्वरूप अतिक्रमण के चलते बदला हैं।

आपको बता दें कि लंबे वर्षों से अफसरों की अनदेखी से जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में एक सौ से अधिक तालाबों का नामोनिशान मिट गया है। आलीशान मकानों में कई तालाब गुम हो ताज महल जैसे खूब सूरत लग रहें हैं। कहीं-कहीं अतिक्रमण से संकुचित हो गए हैं। कुछ तालाब गंदा नाला में तब्दील हैं। मौजूदा समय में महज तीन हजार तालाब ही अस्तित्व में हैं। दो हजार से अधिक तालाब या तो धरातल में गुम हो गए हैं या फिर वह अतिक्रमण में सिमटकर वजूद बचाने में लगे हैं।

जिला मुख्यालय शहर में नवाब टैंक सहित दो दर्जन से अधिक छोटे बड़े प्राचीन तालाब थे। इनमें गायत्री नगर का परशुराम तालाब, केवटरा का केवटन तालाब, तिंदवारी रोड का बड़ा तालाब, मढ़िया नाका की भरमूजन तलइया, मर्दन नाका की लोहार तलइया, निम्नीपार का कजलिया तालाब ,स्टेडियम के पास का साहब तालाब, कैलाश पुरी का छबी तालाब आदि का अस्तित्व समाप्त हो गया है। छाबी तालाब से अतिक्रमण हटवाने एवं स्वच्छता एवं सुंदरता के लिये कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मी गुप्ता लिखा -पढ़ी कर रहे हैं पर अभी सार्थक पहल प्रशासन नहीं कर सका।

पैलानी तहसील के दस्तावेजों की माने तो यहां पर 300 तालाब हैं। लेकिन मौजूदा समय में 200 तालाब भी नहीं हैं। बचे तालाबों में खप्टिहा का मनुई तालाब, डबरा तालाब, पैलानी का पोथी तालाब, निवाइच का श्याम तलइया का अतिक्रमण के कारण आकार छोटा हो गया है। नरैनी तहसील क्षेत्र में 1980 के दशक में दो हजार से अधिक छोटे बड़े तालाब थे। गांवों में पानी की आवश्यकता तालाब और कुओं से पूरी की जाती थी। मौजूदा समय में 200 से अधिक तालाब गुम हो गए हैं। इतने ही तालाबों में अतिक्रमण है। तालाब के भीटे पर कच्चे व पक्के मकान बन गए है।

तिंदवारी क्षेत्र के 56 ग्राम पंचायतों में 250 तालाब हैं। इनमें 75 फीसदी तालाबों में लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। अमृत सरोवर तालाब योजना के तहत शहर सहित ग्राम पंचायतों में स्थित तालाबों को खोजा जा रहा है। जिनका जीर्णोद्धार कराया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य का कहना हैं कि जिन तालाबों में अतिक्रमण है उन्हें हटाया जा रहा है। कुछ तालाबों का अतिक्रमण अदालती दांव- पेच में है।
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