- विनोद मिश्रा
बांदा।जिलाधिकारी की गोवंसो के संरक्षण में लापरवाही न हो इसके लिये सख्त निर्णय लेकर जिम्मदार अधिकारियों को ठंड में पसीना छुड़वा दिया हैं। ऐसा प्रशासानिक निर्णय का छक्का मारा हैं की अधिकारियों के छक्के छूट गये हैं। क्योकिं उन्होनें निर्देश दिये हैं की जिले की गोशालाओं की निगरानी अब वाट्सएप ग्रुप के जरिए होगी। डीएम ने स्ट्रे कैटल बी शेलट्रेड नाम से ग्रुप बनाया है। इसमें एसडीएम, बीडीओ व पशु चिकित्साधिकारी एडमिन होंगे। जबकि पशुधन प्रसार अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, अवर अभियंता, नायब मुहर्रिर, रोजगार सेवक सदस्य होंगे। ये कर्मी हर रोज सुबह गोशाला की पड़ताल कर ग्रुप में साझा करेंगे। इसके बाद एडमिन समस्याओं का त्वरित निदान करेंगे।

जिले में तीन कान्हा पशु आश्रय स्थल, दो वृहद गोशाला सहित करीब 206 गोशालाएं संचालित हो रही हैं। इनमें 36 हजार अन्ना गोवंशों को संरक्षित किया जा रहा है। शासन-प्रशासन के लगातार निर्देशों के बाद भी गोशालाओं में बंद बेजुबानों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। जबकि अन्ना गोवंशों का बेहतर संरक्षण शासन की शीर्ष प्राथमिकता में है। गोवंशों की बेहतर देखभाल और सर्दी से बचाव के लिए नायाब तरीका निकाला है। उन्होंने स्ट्रे कैटल बी शेलट्रेड वाट्सएप ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप के एडमिन सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी और पशु चिकित्साधिकारी को बनाया है। ग्रुप में बतौर सदस्य प्रत्येक ग्राम पंचायत से पशुधन प्रसार अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, अवर अभियंता, नायब मुहर्रिर, रोजगार सेवक को सदस्य के रूप में जोड़ा है। यह कर्मचारी हर रोज सुबह सात बजे अपने यहां की गोशाला की पड़ताल करेंगे। यहां पर गोवंशों के रख-रखाव, चारा-भूसा, चहारदीवारी, शेड, पेयजल आदि की व्यवस्था देखेंगे। कोई भी कमी व समस्या होगी तो वह वाट्सएप ग्रुप में इसे साझा करेंगे। गोशाला में अन्ना गोवंशों के मौके की फोटो भी शेयर करेंगे। इसके बाद आठ बजे एसडीएम, बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी उस ग्रुप में आए मैसेज व फोटो का अवलोकन करेंगे। जिस गोशाला में समस्या होगी, वहां मौके पर जाकर उसका तत्काल निदान कराएंगे। ग्रुप एडमिन रोज की रिपोर्ट से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के माध्यम से डीएम को अवगत कराएंगे। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई और गोशालाओं की पड़ताल या ग्रुप में भेजी गोशाला की समस्या के निवारण में अनदेखी हुई तो उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। गोशालाओं पर एक नजरडालें तो जिले में कुल गोशाला 209 हैं।संरक्षित गोवंश की संख्या 35257हैं।स्थायी गोशाला 14औऱअस्थायी गोशाला 195 हैं।

जिलाधिकारीआनन्द कुमार सिंह ऩे बताया की मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी वाट्सएप ग्रुप की नियमित मॉनीटरिग करेंगे और उन्हें अवगत कराएंगे। निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। किसी भी स्तर पर शिथिलता मिलती है तो उसका उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए शासन को कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी।

( शरद मिश्रा- संपादक )
(सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )
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