- विनोद मिश्रा
बांदा। गौशालाओं में गौवंशों की दुर्दशा हिलोरें लें रही हैं। ठंड की शीत लहरी भूसे चारे की अनुपलब्धता दुर्दशा का शाश्वत सत्य है। कागजी औऱ मौखिक निर्देश महज कल्पना में सुहावने लगते हैं, पर हकीकत बहुत भयावह है।

यह हम नहीं मौके की नजाकत को ग्रामीण ही दर्दे हाल बताते हैं। यहां लगभग 325 गौशालाएं है।इनमें लगभग 75 हजार गौवंश हैं। ग्रामीणों की सच माने तो इसमें से प्रतिदिन लगभग 55 गाय मौत के मुंह में समा जाती हैं! हालांकि बांदा में अभी भी लगभग एक डेढ़ लाख अवारा पशु गौशालाओं के बाहर घूम रहा है।

आयुक्त चित्रकूट धाम मंडल आर.पी सिंह ने चारों जनपदों के जिला कलेक्टर और मुख्य विकास अधिकारी को एक पत्र इसी माह के पहले पखवारे में लिखा था। गौशाला में हो रहे गौवंश के साथ अमानवीय व्यवहार और बिगड़ी व्यवस्था के दुरुस्ती के दिये थे।चारों जनपदों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने था कि प्रत्येक गौशाला में टीनशेड पर्याप्त लगा होना चाहिए। जिसके नीचे ठंडी में गौवंश सुरक्षित रहें।

पीने के पानी की ठीक व्यवस्था हो। भूसे-चारे का भी पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए। गौशाला में नियुक्त कर्मचारी ठीक ढंग से गौशाला की सफाई और भूसा-चारा समय से गौववंश को दें। पशु मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक गौशाला में डॉक्टर पहुंचे। बीमार गौवंश का इलाज सही ढंग से हो।

लेकिन बड़े आश्चर्य की बात है “आयुक्त का आदेश पुराण सत्य कथा” नहीं बन पाया। आयुक्त के पत्र को तवज्जो नहीं मिली ! सच के आईने में देखें तो वर्तमान में ढाई सौ ऐसे गौशालाए हैं, जिनमें टीनशेड नहीं है ! खुले आसमान के नीचे गाय बंधी हुई हैं। सरकार की मंशा पर पानी फेरा जा रहा है।

बहुत सारे प्रधानों ने गौशालाओं में 10 से 16 कर्मचारी लगा रखे हैं। एक कर्मचारी को प्रतिमाह 9 हजार दिया जाता अर्थात 16 कर्मचारियों को लगभग 1लाख 50 हजार प्रतिमाह दिया जा रहा है।गौशाला में जितने जानवर दर्शाए जाते हैं उस से 3 गुना ज्यादा कागज में ल होते हैं, जिसका सरकारी अनुदान आता है। इसी संदर्भ में बांदा डीएम दीपा रंजन नें बैठक कर गौशालाओं की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। देखना होगा समीक्षा कितनी सार्थक होती है।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://newsreach-publishers.s3.ap-south-1.amazonaws.com/citynewsuttarpradesh.in/2018/06/Picsart_22-08-23_02-31-51-905-scaled.jpg)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
