- विनोद मिश्रा
बांदा। जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद नें कहा है की बुंदेलखंड में अधिकांश खेती प्राकृतिक है। खेती में अभिरूचि तथा बुन्देलखण्ड मेें जलवायु परिवर्तन के कारण पलायन शुरू हुआ। पलायन किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। कृषकों, युवाओं एवं आम जनमानस को खेती की तरफ जोड़ना होगा। इस कार्य में हमारी सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है।

जल शक्ति राज्य मंत्री कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित मेले में प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। कहा की इस मेले का भी यही उद्देश्य है कि प्राकृतिक खेती की तरफ कृषकों को जागृत किया जाये। राज्य मंत्री निषाद नें कहा की बुन्देलखण्ड में शुरू से ही रसायनिक खादों का प्रचलन अत्यन्त कम है।

खेती-किसानी के लिए इच्छा शक्ति को और बढ़ाना होगा। प्राकृतिक खेती में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा वैज्ञानिक अवधारणा से कार्य किया जा रहा है,जो काबिले तारीफ है।ललितपुर, महोबा, झाँसी तथा चित्रकूट के किसान लगभग प्राकृतिक विधि से ही खेती कर रहें हैं, अतः इस क्षेत्र को प्राकृतिक खेती का हब बनाया जा सकता है। वैज्ञानिक सलाह से कृषक खेती में और आय बढ़ा सकता है।

राज्य मंत्री निषाद नें कहा की इस मेले के माध्यम से कृषक सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सकते हैं।
प्राकृतिक कृषि पर कार्यशाला का आयोजन एपेडा के सौजन्य से किया गया था। विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष अपेडा के महा प्रबंधक वी के विद्यार्थी ने जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक खेती पर विशेष बल दिया।
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