-डीएम ने जलयोद्धा के साथ किया रक्सी बांध का निरीक्षण
- विनोद मिश्रा
बांदा। जिलाधिकारी अनुराग पटेल द्वारा उमाशंकर पाण्डेय, जल योद्वा के साथ ग्राम पंचमपुर में झील (रक्सी बांध) का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय पंचमपुर झील में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई पायी गयी। बरार नाला के इनलेट को देखा गया जिससे पंचमपुर झील में पानी आ रहा था। जहॉं सफाई का अभाव पाया गया। मौक पर ग्रामवासियों द्वारा बताया गया पंचमपुर झील में रक्सी, मसनी, कहला, धुंधुर, बिरौना, महेवा, पंचमपुर, सिधौंरा आदि गांव आते है तथा झील का क्षेत्र लगभग 150 हेक्टेयर है एवं झील के अन्दर कुछ किसानों द्वारा कब्जा कर खेती की जा रही है तथा झील के नहर कोठी पर लोागों द्वारा कब्जा किया हुआ है।

ग्रामवासियों द्वारा बताया गया कि बरार नाले का गहरीकरण तथा सफाई करा दिया जाये तो झील में पानी और तेजी से भरने लगेगा। जिलाधिकारी द्वारा उपजिलाधिकारी नरैनी व सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम बनाकर निर्देशित किया गया कि पंचमपुर झील के अन्दर किसानों द्वारा किये गये कब्जें को चिन्हित कर तत्काल कब्जा हटवाया जाये तथा नहर कोठी को भी कब्जा मुक्त कराये जाने के निर्देश दिये गये। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा उपजिलाधिकारी नरैनी एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पंचमपुर झील में पानी के स्तर को कैसे बढ़ाया जाये तथा पंचमपुर झील को और कैसे विकसित किया जा सकता के सम्बन्ध में संयुक्त स्थलीय निरीक्षण करते हुये विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।

इसके उपरान्त जिलाधिकारी, बांदा द्वारा ग्राम पंचायत सढा के ढोलबजा पर्वत के नीचे बने प्राकृतिक जल स्रोत सढ़ा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्राकृतिक जल स्रोत से पानी बहता हुआ मिला, प्राकृतिक जल स्रोत में सफाई का अभाव पाया गया, प्राकृतिक जल स्रोत से पानी बहकर नीचे खेतो में इकट्ठा हो रहा था।

मौके पर ही जिलाधिकारी बॉंदा द्वारा भूमि संरक्षण अधिकारी एवं खण्ड विकास नरैनी को निर्देशित किया गया कि प्राकृतिक जल स्रोत की साफ-सफाई करायें तथा प्राकतिक जल स्त्रोत के निचले तल पर तालाब बनवाकर प्राकृतिक जल स्रोत का पानी इकट्ठा करायें। निरीक्षण के समय प्राकृतिक जल स्रोत से ट्यूबेल के बराबर पानी बहता हुआ पाया गया। मौके पर उपस्थित लोगो द्वारा बताया गया कि कारू बाबा देव स्थान के बगल में मैदान है जिसमें ग्राम के 02 लोागों के पट्टे की भूमि है। देव स्थान पर जाने का कोई अन्य रास्ता नहीं है।

जिलाधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारी, अतर्रा को निर्देशित किया गया कि तहसीलदार व लेखपाल को मौके पर भेजकर स्थलीय निरीक्षण कराये यदि देव स्थान तक जाने वाले रास्ते में लोगो को पट्टे दिये गये है तो उन्हेें तत्काल अन्य जगह पर भूमि परिवर्तन की कार्यवाही सुनिश्चित करायें तथा उपायुक्त मनरेगा व खण्ड विकास अधिकारी बिसण्डा को देव स्थान व प्राकतिक जल स्त्रोत को विलेज टूरिज्म की दृष्टि से और बेहतर कैसे विकसित करने हेतु संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गया। देव स्थान के पीछे कई वर्ष पुराना पीपल का पेड़ गिरा हुआ, जमीन में पड़ा हुआ पाया गया जिसे पुराने पीपल के पेड़ को खडा करके पुनः पौधारोपण करने हेतु प्रभागीय वनाधिकारी, बांदा को निर्देशित किया गया।
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