रिपोर्ट – अंशू गुप्ता
बाँदा:- जिलाधिकारी बाँदा आनंद कुमार सिंह के सख्त दिशा निर्देशों के बाद भी जिले के खनन माफिया सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं जिलाधिकारी के आदेश इन माफियाओं के ठेंगे पर रहते हैं तभी तो लगातार समझाने के बाद भी यह सुधरने का नाम नहीं ले रहे । पैलानी तहसील अंतर्गत खप्टिहाकलां खदान का कमोबेश यही हाल है जसपुरा क्षेत्र से आवारा होते हुए खप्टिहा खदान बालू लेकर ओवरलोड निकलने वाले ट्रक गांव के बीच से निकल रहे हैं जैसे कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है ।

पूरा मामला खप्टिया कला खदान 62/63 का है।जहाँ खदान में एनआर ट्रक बगैर रायल्टी निकाले जा रहे हैं । सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार खदान में रायल्टी 23700 रुपये 12 चक्का 25700 रुपये,14 चक्का हैं 27700 रुपये हैं। इसके साथ ही 300 रुपया अबैध तरीके से तहबाजारी के जिला पंचायत के नाम पर लिया जाता हैं। ट्रक चालकों की मानें तो खदान का सरकारी रवन्ना 422 रुपये घन मीटर निर्धारित हैं। एक ओवरलोड ट्रक में 80 से 100 टन बालू आती हैं….तब आप प्रति घन मीटर बिना रायल्टी एनआर ट्रकों में रोजाना की राजस्व चपत और ओवररेटिंग घालमेल का अंदाजा लगा सकते है कि जनपद की सभी नम्बर दो और एक बालू खदानों में पट्टेधारकों ने कौन सा खेल चला रखा है। क्या सुभाष सिंह खनिज अधिकारी भी इस ओवररेटिंग के भ्रस्टाचार में संलिप्त हैं ? काबिलेगौर यह हैं कि जब स्थानीय ग्रामीणों ने बरेहटा सड़क पर लगे जाम की शिकायत फोन द्वारा अधिकारियों से की तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं पुलिस बालू भरे ट्रकों की चेकिंग नहीं करेगी / हस्तक्षेप करने की हकदार नहीं हैं। बकौल ग्रामीण पूछते हैं कि बरेहटा से जसपुरा जाने के लिए लगभग 2 घंटे लग जाते हैं अगर कोई बीमार होता है तो एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती है। जिससे व्यक्ति की जान भी चली जाती है। जबकि वह बालू भरे ट्रक नही देखने की अधिकारी हैं ? गौरतलब हैं कि बीते 2 नवंबर को समाचारपत्रो में प्रकाशित खबर में आईजी चित्रकूट मण्डल के सत्यनारायण के हवाले से प्रकाशित हुआ था कि मण्डल की पुलिस एक नवंबर से विशेष अभियान के तहत गुंडा एक्ट,गैंगस्टर,एनएसए, अवैध खनन,अवैध शराब आदि अपराध करने वालों को तलाश करेगी। आईजी ने अभियान के दौरान अवैध खनन कराने वालों को चिन्हित कर उन पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर,एनएसए आदि कार्यवाही कर उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के भी निर्देश दिए हैं। ऐसे में सवाल यह भी हैं कि ओवरलोडिंग ट्रकों को दिन में लोकेशन न मिलने पर रात के अंधेरे में पपरेंदा चौकी से बाँदा बॉर्डर तक चार पहिया गाड़ियों से लोकेशन दिया जाता है । लोकेशन मिलने पर ही गाड़ियों को निकाला जाता है ।बड़ी बात हैं कि जसपुरा कस्बे के अंदर ओवरलोड ट्रक निकाले जाते हैं जिनसे सड़क पर जाम भी लगता है। खप्टीया कला खदान 62/63 में एनआर ट्रकों से ओवररेटिंग,ओवरलोडिंग तो हो रही है । वहीं अन्यत्र रंज,बाघे,केन के घाटों पर अवैध खनन बेतरतीब चल रहा है। या यूं कहें कि खनिज संपदा की साझी लूट बेखौफ जारी हैं। हर खदानों में तयशुदा सरकारी रेटिंग से बहुत ज्यादा कीमत पर बालू बेची जा रही हैं जो बाहर मनमानी मूल्य दर पर ग्राहक को मुहैया होती है। जाहिर हैं मुख्यमंत्री इस रेतलीला से अनभिज्ञ होंगे यह अतिश्योक्ति हैं। फिलहाल बरेहटा गांव जाने वाली सड़कों का खदानों से पोस्टमार्टम कार्य शुरू हो चुका है। किसी दिन बड़ी दुर्घटना होगी जिसका प्रशासक इंतजार कर रहा है।वही खपटिहा कला खदान संचालक62/63 के द्वारा जबरन किसानों के खेतों से ट्रक निकाले जा रहे है। किसानों की कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।किसानों ने बताया कि अगर न्याय नहीं मिला तो बहुत ही जल्द जिलाधिकारी कार्यलय मे। आमरण अनशन किया जायेगा ।

( शरद मिश्रा- संपादक )
(सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )
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