— सीडीओ ऩे पहले दी थी 26 सचिवों को नोटिस
- विनोद मिश्रा
बांदा। जिले की ग्राम पंचायतों में सचिवालयों का निर्माण “नौ दिन चलें अढ़ाई कोस” की कहावत चरितार्थ कर रहा है। जिला पंचायतराज अधिकारी से लेकर मुख्य विकास अधिकारी तक को पंचायत सचिव गण ठेंगे पर रखें हैं। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह नें जब इस ओर भी नजरें तरेरी तो उन्हें हमाम का खेल देख आश्चर्य में डूब जाना पड़ा। इतने खफा हुये की प्रभारी जिला पंचायत अधिकारी और छह खण्ड विकास अधिकारियों वीडिओ महुवा, बडोखर खुर्द, तिंदवारी, बबेरू, कमासिन, जसपुरा,नरैनी से जवाब तलब कर उनमें खलबली मचा दी।

जिला धिकारीआनन्द कुमार सिंह जिनकी कार्यशैली से जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास पनपने लगा हैं, वह गावों में सचिवालयों के गोरख धंधा से भी अवगत हुये। और कुछ जो छुपा हुआ है हम भी अवगत करा रहे हैं।
तो जानिये जिलाधिकारी साहब,आपके इस जिले में गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत सचिवालय निर्माण में ग्राम पंचायतें लापरवाही लंबे अर्से से बरत रही हैं। जिले की 286 ग्राम पंचायतों में सचिवालय भवन का निर्माण होना है।इसके लिये ग्राम पंचायतों को 7.43 करोड़ भी दे दिए गए ।परंतु लापरवाही का आलम यह है की 26 ग्राम पंचायतों ने अभी प्रस्ताव ही तैयार नहीं किए।कुछ दिन पूर्व सीडीओ ने इन पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर खाना पूरी सी की थी।
आपको बता दें की जिले की 470 ग्राम पंचायतों में 286 में या तो भवन नहीं या फिर जर्जर हो चुके हैं। शासन ने जुलाई में ऐसी ग्राम पंचायतों में गरीब कल्याण योजना के तहत भवन निर्माण के निर्देश दिए थे, लेकिन ग्राम पंचायतें भवन निर्माण में लापरवाहबरत साबित हुई हैं।
इतना ही नहीं 26 ग्राम पंचायतों ने तो भवन निर्माण का प्रस्ताव ही नहीं तैयार किया है। इस पर सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा ने कड़ी नाराजगी जाहिर जताते हुये प्रधान और सचिवों को नोटिस कर निर्देश देनें का खेल खेला था।
चेतावनी दी थी कि सप्ताह भर में निर्माण कार्य शुरू कर देरी का कारण स्पष्ट करें अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए शासन को लिखेंगे। गरीब कल्याण योजना के तहत ग्राम सचिवालय निर्माण की लागत 26.30 लाख निर्धारित की है। आरजीएसए के तहत 17.46 लाख व मनरेगा से 9.26 लाख खर्च होंनें थे।सचिवालय का निर्माण के लिये शासन नें ड्राइंग भी दी। शासन से सचिवालय निर्माण की डेड लाइन 30 नवंबर निर्धारित है।
जिन ग्राम पंचायतों के सचिवों को दिया नोटिस दिया गया है उनमें ब्लाक जसपुरा में ग्राम पंचायत तंगामऊ, गडौला, कमासिन में ग्राम पंचायत लखनपुर, साडासानी, दतौरा, अंदौरा, सातर, महुआ में ग्राम पंचायत नौहाई, रीगा, गोखिया, कल्हरा, पौण्डरा, बिसंडा में ग्राम पंचायत बिरी बिरहंड, बबेरू में ग्राम पंचायत बन बरौली, करहुली, नरैनी में ग्राम पंचायत गढ़ा, नेढुवा, पुरैनिया, सिघौटी, पंचमपुर, बिगहना, महुई, बडैछा, तिंदवारी में ग्राम पंचायत भुजौली, बंबिया, बडोखरखुर्द में ग्राम पंचायत गुरेह हैं। उम्मीद है की जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह यदि इस योजना की कुंडली खंगालेगें तो कथित तौर पर इस योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार से पर्दा अवश्य उठेगा!और पंचायत भवनों के निर्माण की गति भी बढ़ेगी।

( शरद मिश्रा- संपादक )
(सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )
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