हमीरपुर। चिकासी थाना क्षेत्र के रावतपुरा गांव में करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व शराब पीने के लिए रुपये न देने से नाराज नाती ने अपने ही 68 वर्षीय बाबा की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी थी। मामले में अदालत ने आरोपित नाती को हत्या का दोषी मान आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। मामले की रिपोर्ट हत्यारोपित के बड़े भाई ने थाने में दर्ज कराई थी।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मणिकर्ण शुक्ल व विशंभर पाल ने बताया कि 17 मई 2018 को चिकासी थानाक्षेत्र के रावतपुरा गांव निवासी फूल ङ्क्षसह व उसकी पत्नी रिश्तेदारी में गए थे। घर में उसके बेटे अमित, अखिलेश व 68 वर्षीय पिता मंशाराम मौजूद थे। अमित 18 मई 2018 को गोहांड बाजार करने गया था। घर में बाबा मंशाराम के साथ उसका भाई अखिलेश मौजूद था। दोपहर बाद करीब ढाई बजे अमित वापस लौटकर घर के सामने पहुंचा तभी उसका भाई अखिलेश घर के अंदर से कुल्हाड़ी लेकर निकला। जिसमें खून लगा था। जिसके निकलने के बाद उसने अंदर जाकर देखा तो बाबा मंशाराम खून से लथपथ पड़े मिले।
उसी दिन अमित ने थाना चिकासी में सूचना देकर कार्रवाई की मांग की। बताया कि चोट लगने से उसके बाबा की मौत हो गई।
पुलिस ने अमित की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपित को हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा। घटना के पीछे का कारण आरोपित द्वारा शराब के लिए पैसे मांगने पर मृतक द्वारा मना करना बताया गया। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक जी प्रसाद ने अखिलेश कुमार को घटना का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। साथ ही जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )


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