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गौशाला के नाम पर लाखों हजम कर गया सचिव
उत्तर प्रदेश

गौशाला के नाम पर लाखों हजम कर गया सचिव …

– पाराबिहारी गांव स्थित गौशाला का हाल

– गायों के खाने के लिए न भूसा है ना चारा 

  • विनोद मिश्रा

बांदा। गौशाला के नाम पर सचिव ने लाखों रुपए डकार लिए। गायों के खाने के लिए न भूसा है ना चारा है। अन्ना जानवरों से किसान परेशान है। क्षेत्र पंचायत बबेरू अंतर्गत ग्राम पंचायत पारा बिहारी में गायों के लिए गौशाला बनाया गया है, जिनकी रखवाली के लिए बाकायदा मजदूर लगाए गए हैं। अन्ना पशुओं से किसानों को राहत दिलाने के लिए पीसी पटेल जनसेवक गांव-गांव का दौरा कर वहां पर बने गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

ग्राम पंचायत पारा बिहारी पहुंचकर वहां के किसानों के साथ पीसी पटेल ने वहां बने गौशाला का निरीक्षण किया, वहां पर पाया गया कि अस्थाई बनाई गई गौशाला में मात्र तीन जानवर अंदर बंद पाए गए। अंदर जानवरों के खाने के लिए न तो भूसा था न पीने के लिए पानी की कोई व्यवस्था थी। जमीन पर पानी भरा हुआ था, वहां जानवरों के बैठने की भी असुबिधा थी। पारा बिहारी के किसान रामविलास पटेल, आनंद पटेल, अंकित पटेल, रामकरण वर्मा, चंद्रशेखर अध्यापक, रामबक्स, बाला प्रसाद, जगदीश, ओमप्रकाश आदि किसानों ने बताया कि ग्राम पंचायत पारा बिहारी में लगभग 30 बीघा गोचर पड़ी हुई है। खेलकूद के मैदान में पशु आश्रय केंद्र बनाया गया है। जहां पशु आश्रय केंद्र के अंदर पानी भरा हुआ है, भूसा का अता पता नहीं है जानवरों के भूसा खाने के लिए मात्र चैराही बनाई गई हैं जो टूटी हुई है। जानवरों के पानी पिलाने की भी व्यवस्था नहीं है।

गौशाला के नाम पर लाखों हजम कर गया सचिव

बताया कि लगभग 70 से 80 अन्य जानवरों को बाड़े में रखते हैं। शेष अन्य जानवर घूम कर किसानों की फसलों को चट करते हैं। यह भी बताया कि पारा बिहारी के मजरा कोरारी में भी अस्थाई गौशाला बनाई गई है। जहां पर मात्र 30 जानवर ही बंद है। जानवरों के रखरखाव के लिए 4 मजदूर कोरारी में तथा 5 मजदूर पारा बिहारी में लगाए गए है। जहां पर बने गौशाला में जानवरों को ले जाया जाता है। सड़क से नीचे उतरते ही लगभग 3 से 4 फीट गहरा है, वहां लगभग 5 फीट से ऊपर पानी भरा हुआ है जानवरों को सड़क से नीचे उतर कर पानी से होते हुए वाड़ेे के अंदर प्रवेश करना पड़ता है। वहां जानवर खड़े ही रह सकते हैं।

गांव के किसानों ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव जानवरों के लिए कोई व्यवस्था नहीं कर रहे हैं, जो चरवाहे लगाए गए हैं। वह मात्र जानवरों को चराने ले जाते हैं और लाकर बाडे में बंद कर देते है। उन चरवाहों को चाहे जो भी पैसा दिया जाता है इस बात की जानकारी हमें नहीं है। सचिव मात्र कागजी कार्यवाही पूरी कर धन को ठिकाने लगा रहा है। जनसेवक पीसी पटेल ने कृषकों को आश्वस्त करते हुए जिलाधिकारी से मिलकर समस्या का निदान कराए जाने की बात कही। किसानों ने भी जिला अधिकारी से गांव में बने गौशाला का स्थलीय निरीक्षण करते हुए सचिव के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है तथा जानवरों के भूसा चारा पानीका इंतजाम करने क मांग की है।

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( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

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