
- विनोद मिश्रा
बांदा। जब जिले की “समाजवादी राजनीति” में किसी “बड़े चेहरे का जिक्र” होता है तो बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव का “नाम” सबसे ऊपर आता है। “जमीन से जुड़े, संघर्ष से तपे और बेबाक” बोलने वाले विशंभर यादव ने एक बार फिर “अपने शायराना अंदाज से सियासी पारा चढ़ा” दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव पर पूछे गए “सवाल” पर उन्होंने जो कहा, वह अब प्रदेश की “सियासत में चर्चा का विषय” बन गया है।
एक विशेष भेंटवार्ता में विशंभर यादव ने “शायराना मूड” में कहा “चल पड़ी है लाल आंधी, आ रहे हैं समाजवादी।” यह सिर्फ “एक शेर नहीं, बल्कि 2027 के चुनाव का” उनका “सियासी ऐलान” है। विशंभर के इस एक जुमले ने “कार्यकर्ताओं में नया जोश” भर दिया है। विधायक विशंभर यादव ने भाजपा सरकार पर “जमकर हमला” बोला। कहा कि भाजपा के राज में पूरा देश “कराह” रहा है। किसान परेशान है, नौजवान बेरोजगार है, महिलाएं असुरक्षित हैं और व्यापारी त्रस्त है। महंगाई ने आम आदमी की “कमर तोड़” दी है। यह सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह “विफल साबित” हुई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के पास गिनाने को कोई “विकास कार्य नहीं” है। जब काम नहीं होता तो ये “हिंदू-मुस्लिम” का कार्ड खेलते हैं। “समाज को बांटो और राज करो, यही इनकी नीति” है। यह “सरकार विकासवादी नहीं, विघटनकारी साबित” हुई है। जनता अब इनके “असली चेहरे को पहचान” चुकी है। विशंभर यादव ने कहा कि 2027 का चुनाव “जनता बनाम भाजपा” होगा। समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव के नेतृत्व में “जनता के मुद्दों को लेकर मैदान” में है। गांव-गांव, गली-गली में “लाल टोपी” दिख रही है। जो आंधी 2022 में चली थी, वह 2027 में “तूफान” बनकर “भाजपा के किले” को “ढहा” देगी। बबेरू ही नहीं, पूरे प्रदेश में समाजवादी पार्टी की “जीत का परचम” फहरेगा।
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