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मौत पर भी मलाई: दो हजार 'मुर्दे' सरकार से उठा रहे थे पैसा, पेंशन घोटाले से मचा हड़कंप !
उत्तर प्रदेश

मौत पर भी मलाई: दो हजार ‘मुर्दे’ सरकार से उठा रहे थे पैसा, पेंशन घोटाले से मचा हड़कंप !

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विनोद कुमार मिश्रा ( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

  • विनोद मिश्रा

बांदा। “मरने के बाद भी पेंशन चल रही है” ! ये कोई मुहावरा नहीं, बल्कि इस जिले की सच्चाई है ! समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली की पोल उस समय खुल गई जब वृद्धावस्था पेंशन की हकीकत पर शासन ने सवाल उठाए और जांच के आदेश दिए। अब “खुलासा हुआ है कि 2,000 से अधिक मृत वृद्धजनों के खातों में आज भी सरकारी पेंशन भेजी” जा रही थी, और 50 से ज़्यादा अपात्रों को भी इस योजना का लाभ मिल रहा था।

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यह खुलासा न सिर्फ बुज़ुर्गों की योजनाओं के दुरुपयोग को उजागर करता है, बल्कि सरकारी “सिस्टम में घुसी भ्रष्ट लापरवाही की चादर को भी नंगा” करता है। जिले की 479 ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में कुल 59,399 वृद्धावस्था पेंशन धारक पंजीकृत हैं। शासन के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग द्वारा इनकी पात्रता का वृहद सत्यापन कराया गया। “रिपोर्ट सामने आई तो विभाग के होश उड़” गए। “गांवों में 1,954 और शहरी क्षेत्र में 82 मृत पेंशनर” पाए गए।

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गांवों में 26 और शहरों में 25 अपात्र पेंशनरों को भी लाभ मिल रहा था। यह घोटाला एक नहीं, कई प्रश्न खड़े करता है ? क्या पंचायतों और लेखपालों की रिपोर्टिंग फर्जी थी ? क्या बैंकों ने जानबूझकर इन खातों में लेन-देन जारी रखा ? गांवों की बात करे तो सर्वाधिक मृत महुआ ब्लाक में 357 नरैनी में 350, बिसंडा में 294 मृत मिले। साथ ही शहरी क्षेत्र में 25 और गांवों में 26 पेंशनर अपात्र भी पाए गए।

समाज कल्याण विभाग का नकारापन: 1120 स्वर्गवासियों को भी दे रहा है पेंशनजांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने तेजी से कदम उठाते हुए बैंकों को पत्र भेजकर इन खातों से पेंशन की निकासी रोकने का निर्देश दिया है। समाज कल्याण अधिकारी अभिषेक अवस्थी ने बताया कि “दस्तावेजों की जांच की जा रही है कि किन खातों में कितनी पेंशन भेजी” गई। रिकवरी के दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। खातों में मौजूद राशि को सरकार वापस मंगवाएगी।” बताया जा रहा है कि तीन माह की पेंशन (लगभग 3000) पहले ही भेजी जा चुकी थी। प्रश्न यह है कि “ग्राम स्तर पर मृत्यु प्रमाण पत्र के बाद भी खाते कैसे सक्रिय” रहे ? क्या यह घोटाला स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत का नतीजा है ?

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

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