
- विनोद मिश्रा
बांदा। आसमान से बरसती बारिश के बीच अब नदियों ने भी अपना ‘रौद्र रूप’ दिखाना शुरू कर दिया है। झमाझम बारिश के बाद केन और यमुना के जलस्तर में ‘एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी’ शुरू हो गई है। मंगलवार दोपहर 12 बजे सामने आए जलस्तर के आंकड़ों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सबकी नजर इस समय यमुना के चिल्ला घाट पर टिक गई है। यहां ‘नदी का जलस्तर 90.81 मीटर तक पहुंच’ गया है।
पानी ‘लगातार बढ़’ रहा है और ‘नदी के तेवर देखकर तटीय इलाकों में बेचैनी बढ़ने’ लगी है। हालांकि मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से अभी काफी नीचे है, लेकिन लगातार बारिश के बीच नदी के बढ़ते तेवर ने संभावित खतरे की आहट जरूर दे दी है। केन नदी भी लगातार बढ़ रही है। मंगलवार दोपहर 12 बजे के आंकड़ों के मुताबिक केन नदी का जलस्तर 97.21 मीटर दर्ज किया गया। बारिश का दौर जारी रहने के बीच नदी का बढ़ता पानी प्रशासन के लिए भी निगरानी का विषय बन गया है। नदी किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की नजर अब लगातार जलस्तर पर बनी हुई है।
यही ‘आंकड़ा फिलहाल चर्चा का केंद्र’ बना हुआ है। नदी तेजी से बढ़ रही है और बारिश ने ‘चिंता और बढ़ा’ दी है। अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले घंटों में जलस्तर में और वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि नदी किनारे रहने वाले लोग भी हालात को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। अभी खतरे का निशान दूर है, लेकिन नदियों के बढ़ते तेवर ने बांदा में संभावित बाढ़ की पुरानी चिंता फिर जगा दी है। आने वाले घंटों में बारिश और नदी के जलस्तर की स्थिति बेहद अहम रहने वाली है। नदी अभी ‘सीमा’ में है लेकिन अगर बारिश ने रफ्तार पकड़ी, तो यही बढ़ता पानी कब मुश्किल में बदल जाए इस पर अब ‘सबकी नजर’ है।
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