- विनोद मिश्रा
बांदा। जिला स्तर पर मांडल ग्राम पंचायतों की समय -समय पर मानीटरिंग न होने से उच्च विकास अधिकारियों के लिये परेशानी का सबब बन गईं हैं। शासन स्तर पर जब बांदा की समीक्षा हुई तो जमकर यहां के संबंधित आला अफसर फटकारे गये। विकास योजनाओं की प्रगति की उनकी चोंचले बाजी की पोल खुल गईं। मांडल गांवों में दस करोड़ रुपया खर्च होने की बजाय डंप पड़ा हैं पर पर जिम्मेदार अपनी मस्ती में रहे। भाड़ में जाये मांडल गांव ? इस और नहीं दिया गया ध्यान।

आश्चर्य हैं की शासन स्तर जिले की 71 मॉडल ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष समाप्त होने व चालू वित्तीय वर्ष के चार माह अलविदा होने को हैं, लेकिन 26 से अधिक ग्राम पंचायतें विकास कार्यों का करीब 10 करोड़ खर्च नहीं कर पाई हैं। शासन में समीक्षा पर जब यहां के अफसर फटकारे गये तो उनकी मस्ती की खुमारी टूटी ! फजीहत होने पर सीडीओ नेअब प्रधान व सचिवों को नोटिस भेजकर तीन दिन में स्पष्टीकरण की हांक लगाई है। जवाबसे संतुष्ट न होने पर संबंधित प्रधान व सचिव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की चेतावनी भी झोंकी गईं है।

आपको बता दें की यहां वर्ष 2021-22 में 71 ग्राम पंचायतों को मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए चयन हुआ था। 72 करोड़ की धनराशि दी गईं थी। एक वर्ष चार माह बीतने को है पर मानीटरिंग न होने से ग्राम पंचायतें शत प्रतिशत धनराशि खर्च करने में विफल रहीं। मॉडल ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का करीब 10 करोड़ से अधिक डंप है। शासन स्तर पर “अपर मुख्य सचिव द्वारा की गई समीक्षा में जनपद की स्थिति बेहद खराब होने पर अफसरों को चेतावनी जारी की गईं, तब विकास के भैरम” याद आ गये।

मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत तलहटी कालिंजर, सढ़ा, गुढ़ाकला, अतर्रा ग्रामीण, बदौसा, तुर्रा, बबेरू ग्रामीण, सिंधनकला, जसपुरा, इंगुवा, बीरा, मऊ, पछौहा, खुरहंड, बिलगांव, गिरवां, जमालपुर, मिर्जापुर, पतरहा, पनगरा, गौरा शिवपुर, बेंदा, मुगुंस, पपरेंदा, जौहरपुर में महज 40 से 41 फीसदी विकास कार्य होने पर प्रधान व सचिवों को नोटिस भेजकर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। मॉडल ग्राम पंचायतों में प्रधान सचिव विकास कार्यों में रुचि क्यों नहीं ले रहे।
डीपीआरओ अजय आनंद सरोज ने विकास खंड नरैनी की ग्राम पंचायत परसहर, बरियारपुर, कुलसारी, लामा खुटला, महुई, तिंदवारी की ग्राम पंचायत कुरसेजा, कठसेमर, गुहरवां, साड़ी, जसपुरा की ग्राम पंचायत इछावर, गाजीपुर, गलौली, बड़ागांव, कानाखेडा में विकास कार्य शुरू न होने पर आँखें तरेरी हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रधान व सचिवों को कारण बताओ नोटिस भेज कर तीन दिन में विकास कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के अंदर मॉडल गांव विकास कार्य शुरू कर आवंटित धनराशि व्यय नहीं की गई तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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