- विनोद मिश्रा
बांदा। कमाई के लिये जिले के अतर्रा तहसीलक्षेत्र में जैविक धान की रोपाई शुरू हो गई है। इस धान की शुरूआत सबसे पहले प्रगतिशील किसान ने की। उन्होंने पांच एकड़ जमीन पर इसकी रोपाई शुरू की है । सुझाव दिए कि समय से यदि धान की रोपाई होगी तो फसल की पैदावार भी बेहतर होगी।

इन दिनों जैविक खेती में उत्कृष्ट कार्य करने पर किसान जगजीवन राम एंव राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित प्रगतिशील किसान विज्ञान शुक्ला अब धान की जैविक खेती की तैयारी में जुटे हैं। विज्ञान ने इसके लिए पांच एकड़ में धान की रोपाई की है। विज्ञान का कहना है कि अगेती खेती से जहां धान की बेहतर उपज होगी, वहीं अगली फसलें भी समय से बोने से अच्छी पैदावार देंगी। वैदिक आर्गेनिक कृषि फार्म अतर्रा में पहली बारिश होने के बाद धान की रोपाई का कार्य शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा कि बारिश की अच्छी संभावना है। समय से धान की रोपाई हो जाएगी तो इसके पैदावार की संभावना बढ़ जाती है। समय से धान की फसल आने पर पैदावार में अच्छा प्रभाव पड़ता है। वहीं आगे की रबी की फसलों में भी अच्छी उपज होती है। उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छी आय प्राप्त करने के लिए खेती में समय का विशेष ध्यान देना चाहिए। समय से धान की फसल लगने से समय पर रबी की फसलों की बोआई हो जाती है। तीसरी फसल के रूप में मूंग व उरद की खेती कर सकते हैं।
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