25.8 C
Lucknow
October 10, 2026
City News Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश

गौशालाओं में हाहाकार : मंडल में 59 करोड़ खत्म, 395 गायों की मौत ! …

 

  • विनोद मिश्रा

बांदा। मंडल में अन्ना पशुओं में हाहाकार है। गौशालाओं में गोवंश भूख प्यास से बिलबिला कर दम तोड़ रहे हैं पर आकड़ों मेंसब कुछ गौशालाओं में सुनहरा है। अति उत्तम व्यवस्था के चाँद लगा दिये गये हैं।


अन्ना पशुओं के लिए चर्चित चित्रकूटधाम मंडल का कुछ यही हाल है। मंडल के चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा में अन्ना गायों के रखरखाव और संरक्षण को लेकर काफी खेल किया जा रहा है। सरकारी आंकड़े कुछ अलग बयानी कर रहे, जबकि जमीनी हकीकत रेत के महल की तरह ढेर है।

आश्चर्य भरेआकड़ों की पराकाष्ठा यह है की मंडल में लगभग 59 करोड़ रुपये का चारा-भूसा अन्ना गायें खा गईं, लेकिन अभी उनके पेट भरे नजर नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा मार्च 2019 से अब तक (28 माह) मंडल में भूख और प्यास के बीच गोशालाओं में करीब चार सैकड़ा गायों ने दम भी तोड़ दिया, लेकिन सरकारी फाइलों में गोशालाओं में रामराज्य ही बना हुआ है। आंकड़ों की बाजीगरी में पशुपालन विभाग का खूब कमाल है।


विभागीय फाइलों में सजे संवरे आंकड़े बता रहे कि चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों की 1049 गोशालाओं में 1,29,385 अन्ना पशु संरक्षित हैं। विभाग ने संरक्षित गायों में कुल 395 की मौत दर्शाई गई है। इसमें सबसे ज्यादा 195 गायें हमीरपुर में मरी हैं। बांदा में 126 गायों की मौत हुई, जबकि महोबा में 59 अन्ना पशु मृत बताए गए हैं। इसी तरह चित्रकूट में 15 गायों की मौत दर्शाई गई है। यह सभी आंकड़े मार्च 2019 से अब तक के बताए गए हैं।

– 28 माह में 57.92 करोड़ रुपये खत्म
पशुपालन विभाग के मुताबिक, पिछले 28 माह में चारों जनपदों बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट की गोशालाओं में पशुओं के भरण-पोषण पर 58 करोड़ 92 लाख 37 हजार रुपये खर्च हुए हैं। बांदा जिले में 26 करोड़ सात लाख रुपये, चित्रकूट जिले में आठ करोड़ 94 लाख, महोबा जिले में 12 करोड़ 70 लाख और हमीरपुर 11 करोड़ 13 लाख रुपये खर्च बताया गया है।


अन्ना पशुओं पर खर्च बजट के मुताबिक गोशालाओं में रोजाना प्रति पशु पर मात्र साढ़े पांच रुपये ही खर्च का औसत है।मंडल में 1,29,385 पशु गोशालाओं में संरक्षित हैं। 58 करोड़ 92 लाख खर्च हुआ है। यानि प्रति पशु पर 28 माह में 4634 रुपये खर्च बताया गया है।उप निदेशक पशुपालन मनोज अवस्थी का कहना है की गोशालाओं में संरक्षित पशुओं की देखभाल की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों की है। सूचना मिलने पर बीमार पशुओं का इलाज कराया जाता है। उम्रदराज पशुओं की मौत सामयिक है। शासन ने नोडल अधिकारी नामित किए हैं। वह गोशालाओं की जांच कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।


( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

शहीद दिवस पर ‘गांधी विचारों’ को कांग्रेसजनों का स्मरण: गूंजा सत्य और अहिंसा का संदेश

City News Uttar Pradesh

हनुमंत कथा की ‘भव्य’ कलश यात्रा: उमड़ा ‘आस्था’ का सैलाब, जय श्रीराम से ‘गूंजा’ शहर

City News Uttar Pradesh

योगी कैबिनेट ने तबादला नीति 2022 को दी मंजूरी : 30 जून तक हो सकेंगे राज्य सरकार के अधिकारियों व कर्मचारियों के ट्रांसफर

ओवर लोड ट्रकों नें सड़क की फाड़ डाली छाती : पीडब्लूडी कुछ तो करो उपचार

City News Uttar Pradesh

वक्फ बोर्ड की 827 संपत्तियों पर सरकारी भूमि का दावा: प्रशासन की रिपोर्ट ने खोली पोल

City News Uttar Pradesh

विधायक प्रकाश का फूटा गुस्सा, कांपे अधिकारी: अफसरों को दी ‘आखिरी चेतावनी’

City News Uttar Pradesh Desk
ब्रेकिंग न्यूज़