27 C
Lucknow
August 28, 2026
City News Uttar Pradesh
बामदेवेश्वर मंदिर: गुफा में छुपा चमत्कार, दर्शन को आते हैं शिवभक्त और नागराज
उत्तर प्रदेशबुंदेलखंड

बामदेवेश्वर मंदिर: गुफा में छुपा चमत्कार, दर्शन को आते हैं शिवभक्त और नागराज

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। जिले का बामदेवेश्वर मंदिर न केवल बुंदेलखंड की आध्यात्मिक पहचान है,बल्कि हिंदू धर्म के रहस्यमयी और चमत्कारी स्थलों में भी इसका विशिष्ट स्थान है। जिला मुख्यालय स्थित बांबेश्वर पर्वत की गुफाओं में विराजमान यह शिवलिंग न तो किसी ने स्थापित किया, न ही तराशा यह “स्वयंभू शिवलिंग महर्षि बामदेव की घोर तपस्या” से “प्रकट” हुआ था।

बामदेवेश्वर मंदिर: गुफा में छुपा चमत्कार, दर्शन को आते हैं शिवभक्त और नागराजयह कोई साधारण शिवधाम नहीं, बल्कि सावन में साक्षात शिवदर्शन का वह स्थल है, जहां न केवल इंसान दर्शनार्थ आते हैं बल्कि किवदंतियों के अनुसार सर्प भी शिव के दर्शन के लिए गुफा में प्रवेश करते हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी बताते हैं कि यह मंदिर रामायण काल से अस्तित्व में है। “महर्षि बामदेव गौतम ऋषि के पुत्र” थे। उन्होंने इसी पर्वत पर कठोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव स्वयं शिवलिंग रूप में गुफा में प्रकट हुए।

भोर से 'भोले' के द्वार: सावन के पहले दिन 'बामदेवेश्वर से कालिंजर' तक गूंजा 'हर-हर, बम-बम'पुजारी जी बताते हैं कि यह शिवलिंग 12 ज्योतिर्लिंगों से भी प्राचीन माना जाता है। पहले गुफा इतनी नीची थी कि भक्तों को लेटकर अंदर जाना पड़ता था, लेकिन समय के साथ यह गुफा हर वर्ष एक जौ जितनी ऊंची होती जा रही है।अब श्रद्धालु खड़े होकर शिवलिंग के दर्शन करते हैं।

महाशिवरात्रि : हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजेशिवालय, वामदेव शिव मंदिर में उमड़ी भीड़बामदेवेश्वर पर्वत को “नागों का वास स्थल” भी कहा जाता है। मान्यता है कि श्रावण मास में जब भक्तगण गुफा में दर्शन करते हैं, तो रात्रि के समय सांप भी शिवलिंग के दर्शन करने आते हैं। यह घटना आज भी स्थानीय लोगों और पुजारियों के लिए चमत्कारी अनुभूति है। पुराणों और धर्मग्रंथों में वर्णित है कि भगवान श्रीराम ने वनवास काल के दौरान इस पर्वत पर आकर शिव की आराधना की थी।

महाशिवरात्रि : हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजेशिवालय, वामदेव शिव मंदिर में उमड़ी भीड़हर वर्ष श्रावण मास में यहां हजारों की संख्या में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ता है। लोग दूर-दराज से आकर गंगा जल लाकर जलाभिषेक करते हैं। मंदिर प्रांगण में श्रद्धालु ‘बोल बम’ और हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठते हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, महर्षि बामदेव को संगीत का जन्मदाता भी माना जाता है। “वेदों और उपनिषदों में उनके संगीत ज्ञान” का वर्णन है, और उन्हें सप्तऋषियों में भी स्थान प्राप्त है।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

तालाब में बोरी के अंदर बंद मिला महिला का शव: नहीं हो सकी शिनाख्त, पुलिस जांच में जुटी

Banda : गंगा जमुनी संस्कृति की मिसाल, उपवास, रमजान एक साथ …

बाप रे बाप बाखबर हो जायें होशियार : दूध में मिलावट का हैं बहुत बुरा हाल

बीमा कंपनी की नहीं चली आना कानी : फोरम ने किया दस हजार का क्लेम …

City News Uttar Pradesh

अजेय दुर्ग कालिंजर नें फिर किया फतेह : राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल का फहरा ध्वज

Admin Team

यूपी : पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर खड़े क‍िए सवाल, कहा-बिगड़ते हालात का  संज्ञान लें राज्यपाल …

ब्रेकिंग न्यूज़