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बांदा का प्राचीन काली देवी मंदिर : 1857 से भक्तों की आस्था का प्रतीक, मुराद होती है पूरी
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बांदा का प्राचीन काली देवी मंदिर : 1857 से भक्तों की आस्था का प्रतीक, मुराद होती है पूरी

शरद मिश्रा सम्पादक सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • शरद मिश्रा

बांदा। शहर के बाबूलाल चौराहे स्थित ‘काली देवी मंदिर’ का इतिहास बेहद रोचक और अद्भुत है। यह मंदिर 1857 में मराठा शासक द्वारा स्थापित किया गया था और आज भी श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नवरात्र पर्वों में मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जो देवी मां की कृपा और आशीर्वाद के लिए दूर-दूर से आते हैं।

बांदा का काली देवी मंदिर का अद्भुत इतिहास : भक्तों की कामना पूर्ण करती हैं मां

माना जाता है कि मराठा शासक कालींजर दुर्ग पर आक्रमण करने आए थे। इस दौरान देवी काली उनके साथ चल रही थीं, लेकिन किसी कारणवश नाराज होकर उन्होंने साथ चलने से मना कर दिया। तब शासक ने देवी की स्थापना उसी स्थान पर कर दी, जो आज भी काली देवी मंदिर के रूप में जाना जाता है। मंदिर का नाम 1870 से पहले राजकरण मेहता के खसरे में दर्ज है। 1942 में विष्णु करण मेहता ने इसका जीर्णोद्धार कराया और 1947 में शहर के व्यापारी गोटीराम, रमाशंकर गुप्त और गोंदी लाल सर्राफ के परिवार ने इसे भव्य रूप दिया। मंदिर को देवी शक्तिपीठों की तर्ज पर पुनर्निर्मित किया गया है। इसका मुख्य द्वार 11 मंजिला है और चोटी पर पांच कलश स्थापित हैं। मंदिर में भक्तों और पुरोहितों के लिए पूजा-पाठ, भजन और देवी कथा का विशेष प्रबंध है।

बांदा का काली देवी मंदिर का अद्भुत इतिहास : भक्तों की कामना पूर्ण करती हैं मां

मंदिर के पुजारियों के अनुसार, सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। रोजाना दर्जनों श्रद्धालु मुराद पूरी होने पर चढ़ौना अर्पित करने मंदिर पहुंचते हैं। पूजा और नवरात्र के अवसर पर मंदिर में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। शारदीय और चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने लायक होता है। शहर के साथ-साथ आसपास के गाँवों से भी लोग मां काली के दर्शन के लिए आते हैं। काली देवी मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि बांदा के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक भी है। 1857 की पौराणिक कथा से जुड़ा यह मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के विश्वास और भक्ति का केंद्र बना हुआ है।

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

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