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पीडब्ल्यूडी का सड़क निर्माण में 95 लाख का घोटाला: मामला दबाने को "लक्ष्मी" का सहारा !
उत्तर प्रदेश

पीडब्ल्यूडी का सड़क निर्माण में 95 लाख का घोटाला: मामला दबाने को “लक्ष्मी” का सहारा !

विनोद कुमार मिश्रा ( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

  • विनोद मिश्रा

बांदा। लोक निर्माण विभाग इस जिले में “भ्रष्टाचार को लेकर दुर्गंधमय” हो गया है ! “ऐसा कोई वर्क नहीं जिसमें भ्रष्टाचार का कुंभ स्नान” न हुआ हो। इसी क्रम में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें बिना मशीनरी के 95 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह घोटाला 2010 में बांदा से नरैनी राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य के दौरान हुआ। इस घोटाले ने विभाग के कामकाजी सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पीडब्ल्यूडी का सड़क निर्माण में 95 लाख का घोटाला: मामला दबाने को "लक्ष्मी" का सहारा !

वर्ष 2010 में बांदा से नरैनी तक सड़क का निर्माण कार्य 19 करोड़ सात लाख रुपये की लागत से किया गया था। इस निर्माण कार्य को पीडब्ल्यूडी खंड-2 को सौंपा गया था। इसके तहत ठेकेदार को मशीनरी के लिए अग्रिम भुगतान 95 लाख रुपये किया गया, लेकिन जब प्रमुख अभियंता ने इसकी जांच की तो यह पाया कि इस भुगतान के लिए कोई बिल वाउचर या इनवाइस पेश नहीं की गई। इस मामले में यह स्पष्ट हुआ कि ठेकेदार ने मशीनरी खरीदने के बावजूद उसे कार्य स्थल पर नहीं लाया था, और फिर भी उसे “95 लाख रुपये का भुगतान” कर दिया गया।

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प्रमुख अभियंता ने मामले को गंभीरता से लिया और अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। उनकी जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारियों ने नियमों को नजर अंदाज करते हुए भुगतान कर दिया था। शासनादेश के अनुसार, ठेकेदार को मशीनरी के लिए भुगतान करते समय उस मशीनरी की खरीद और कार्य स्थल पर उसकी उपलब्धता के प्रमाण देने होते हैं, जो कि इस मामले में नहीं दिए गए।

पीडब्ल्यूडी का सड़क निर्माण में 95 लाख का घोटाला: मामला दबाने को "लक्ष्मी" का सहारा !

इस मामले में विभाग के अधिकारियों, विशेष रूप से जेई (जूनियर इंजीनियर) और एक्सईएन (एक्सीक्यूटिव इंजीनियर) पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। अब प्रमुख अभियंता ने नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है, लेकिन यह भी देखा जा रहा है कि इस मामले को “लक्ष्मी जी” के सहारे दबाने की कोशिशें की जा रही हैं। इस घोटाले के सामने आने से यह सवाल उठता है कि पीडब्ल्यूडी में कार्यों की निगरानी और नियंत्रण किस हद तक प्रभावी है। अधिकारियों द्वारा की जा रही लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, और जनता का विश्वास इन संस्थाओं से उठता जा रहा है।

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

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