- विनोद मिश्रा
बांदा। “मेरे यारों की शादी है को शासन का झटका लगा है”। तमाम गरीब पिछड़ों के घरों में “शहनाईयाँ” आर्थिक कारणों से फिलहाल नहीं गूंजेगी। सरकार ने मूल बजट में पिछड़े वर्ग के निर्धन लोगों की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता योजना के तहत कोई प्रावधान नहीं होने से धन देने से मना कर दिया है। इस फैसले से बुंदेलखंड में अनुदान की राह देख रहे हजारों लोगों को “झटका” लगा है।

बसपा शासन काल के दौरान बीपीएल श्रेणी के व्यक्तियों को पुत्रियों की शादी में 20 हजार रुपये की मदद के लिए शादी अनुदान योजना शुरू हुई थी। यह योजना खासकर पिछड़ा वर्ग के लोगों में काफी सराही गई, क्योंकि कर्ज लेने के बजाय इस पैसे की मदद से विवाह करने में काफी मदद मिल जाती थी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के बजाय अधिकांश लाभार्थी इसी योजना का इंतजार करते थे।

पिछले वर्ष मंडल मुख्यालय में 753 से अधिक लाभार्थियों ने इस योजना का लाभ लिया। इस समय भी 800 से अधिक लोग आवेदन कर चुके हैं, लेकिन पिछले सप्ताह अनु सचिव ने पिछड़ा वर्ग कल्याण के निदेशक को भेजे पत्र में 2022-23 के अंतर्गत पिछड़े वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता संबंधी कोई प्रावधान नहीं होने की बात कहते हुए पूर्व में जारी बजट वापस मांगा है। जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी गीता सिंह का कहना है कि योजना के लिए अभी बजट जारी नहीं हुआ है।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
