- विनोद मिश्रा
बांदा । जिलाधिकारी आनंद सिंह अपने कुशल प्रशानिक निर्णयों के लिए लगातार जनमानस में चर्चित रहते हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक सार्थक निर्णय लिया है । इस निर्णय की अनुसार अधिकारियों के कार्यालय व आवासों में लगे सफाई कर्मियों को वहां से हटाकर उनके तैनाती वाले गांवों में भेजा जाएगा, ताकि रोस्टर के हिसाब से सफाई कार्य संचालित कराया जा सके।

आपको अवगत करा दें कि एक दर्जन से अधिक अधिकारियों के यहां सफाईकर्मी लगे हैं। डीएम के इस सख्त निर्देश के अनुपालन में डीपीआरओ ने ऐसे सभी अधिकारियों को पत्र जारी कर सफाईकर्मियों को अपने आवास से कार्यमुक्त करने को कहा है।जिले के राजस्व गांवों में पंचायतीराज विभाग के सफाई कर्मी तैनात हैं। करीब छह सैकड़ा सफाई कर्मचारियों की तैनाती है। इनमें काफी संख्या में अधिकारियों के कार्यालय व आवासों से संबंद्ध हैं। ‘

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायतराज अधिकारी ने अपर जिलाधिकारी, एसडीएम बांदा, अतर्रा, नगर मजिस्ट्रेट, संयुक्त विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला विकास अधिकारी, श्रम उपायुक्त रोजगार, उपायुक्त एनआरएलएम, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला बचत अधिकारी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, पंचायत एवं नगरीय निकाय, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक प्रभारी स्टेशनरी बचत निर्वाचन कार्यालय सहित कई अन्य विभागों में सफाई कर्मी संबंद्ध हैं।
बताते हैं कि जिला पंचायतराज अधिकारी ने कहा है कि पूर्व में भी कार्यमुक्त किए जाने का पत्र लिखा जा चुका है लेकिन अधिकांशत: सफाई कर्मी अभी मुक्त नहीं किए गए। इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा इन्हें कार्यमुक्त कराकर ग्राम पंचायतों में लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा हैं कि 28 मई से सभी ग्राम पंचायतों में रोस्टर तैयार कर सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा टोली बनाकर सफाई करायी जाये।सफाई कर्मचारियों की तैनाती जिले के जिम्मेदार अधिकारियों के यहां वर्षाें से है। कई पूर्व ग्राम प्रधानों ने गांव की सफाई व्यवस्था दुरुस्त न रहने को लेकर इन्हीं जिम्मेदारों को पत्र लिखा, लेकिन अनदेखी की गयी। इन सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति यही जिम्मेदार अधिकारी दबाव बनाकर गांव के पंचायत सचिव से उनका वेतन आहरित करवाते हैं। इस पर आज तक जनप्रतिनिधि ने आपत्ति दर्ज कराने की ओर ध्यान नहीं दिया गया ।

आश्चर्य की बात यह है कि विकास भवन स्थित कोविड कंट्रोल रूम में दर्जनों सफाई कर्मियों की तैनाती मौखिक रूप से अधिकारियों ने कर रखी है। कई महिला सफाई कर्मियों के स्थान पर उनके परिजन ड्यूटी कर रहे हैं। बताया यह जाता है कि संबंधित गांव के ग्रामीण आवाज उठाते है तो ग्राम पंचायत अधिकारी बड़े अधिकारी का मोबाईल नंबर देकर उनसे शिकायत करने की बात कहकर किनारा कस लेते हैं।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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