- रिपोर्ट – मुफीद आलम
बांदा।बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी के नेतृत्च में किसानों नेंकृषि बिल के विरोध में बबेरू तहसील परिसर में पप्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।ज्ञापन में कहा गया है की भारत एक कृषि प्रधान देश है ! यहां की 70% आबादी कृषि पर ही आधारित है ! इसके बावजूद सरकार ने किसानों के अहित का कानून पारित किया है ! यहां का किसान खुश नहीं रहेगा तो हमारा देश कैसे खुशहाली की ओर जा सकता है ! अगर सरकार द्वारा बिल को रद्द नहीं किया गया तो देश का किसान आत्महत्या करने पर और मजबूर हो जाएगा ! इसलिए सरकार द्वारा कृषि विधेयक को वापस लिया जाए! कृषि विधेयकों से किसानों के अधिकार छीने जा रहे हैं ! इससे जमाखोरी और मुनाफाखोरी और बढ़ जाएगी ! देश में किसानों का हमेशा शोषण किया गया है ! उनके अहित के बिल पास किए जा रहे हैं ! जो निंदनीय है !
जिसका “बुंदेलखंड इंसाफ सेना” देश के “किसान” विरोध करते रहेंगे! अनाज को उद्योगपतियों के यहां भंडारण कराकर चार गुना में बेचने की व्यवस्था की गई है !तीनों विधेयक किसानों, कृषि मजदूरों और उनकी आजीविका पर कूरुर हमला है ! आज देश पर कोरोना और देश की सीमा पर चीन हमला बोला है ! जबकि भाजपा सरकार देश के अनाज घरों को निशाना बना रहे हैं ! और सरकार द्वारा किसानो को परेशान किया जा रहा है ! मांग है कि सरकार द्वारा जो कृषि विधेयक बिल पास किए गए हैं उसे तत्काल वापस लिए जाने का आदेश पारित करें , जो देश व किसान हित में होगा ! अन्यथा की स्थिति में देश के बेबस और लाचार “किसानों” की समस्याओं को लेकर “बुंदेलखंड इंसाफ सेना” आंदोलन करने पर मजबूर होगी।इस मौके पर जुगुल किशोर, राम सिंह, ओम प्रकाश यादव, अमित भाई पटेल, धर्मेंद्र कोटार, सद्दाम शाह आदि लोग मौजूद रहे।

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