– भक्तों ने देवी प्रतिमाओं को सजाने में लगाया पूरा जोर
- विनोद मिश्रा
बांदा। जगत माता के दरबार में मत्था टेकने वालों की संख्या हजारों में रही। बुधवार को अष्टमी तिथि होने के कारण महिला श्रद्धालु देवी मंदिरों में पहुंची और अठवाइयां चढ़ाई। इसके साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों तथा कन्या भोज का दौर भी तेजी के साथ चला। शारदीय नवरात्र में तिथियों को लेकर श्रद्धालुओं में संशय बना रहा। तिथियों के मुताबिक अबकी बार नवरात्र आठ दिन की रहीं।

इसके चलते बुधवार को श्रद्धालुओं ने अष्टमी का का पर्व मनाया गया। गुरुवार को नवमी मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि होने के कारण महिला श्रद्धालु काली देवी मंदिर और महेश्वरी देवी मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में पहुंचकर अठवाइयां चढ़ाईं और जगत माता की पूजा-अर्चना की। इस दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन का सिलसिला जारी रहा। दंडवती परिक्रमा करते हुए मातारानी की ड्योढ़ी तक पहुंचने वालों की संख्या अधिक रही।

इधर, नवरात्र की अष्टमी होने के कारण शहर में स्थापित किए गए दुर्गा पंडालों को सजाने और संवारने में समितियों के सदस्यों ने पूरा जोर लगा दिया। बिजली की चकाचौंध और के बीच जगत माता का श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। शाम होते ही श्रद्धालु अपने-अपने घरों से जगत माता के दरबार में मत्था टेकने के लिए निकल पड़े। पूरे शहर में घूमकर श्रद्धालुओं ने स्थापित की गई दुर्गा झांकियों का दर्शन किया और पुण्य लाभ अर्जित किया। इधर, अष्टमी के दिन कन्या भोज और धार्मिक अनुष्ठान भी तेजी के साथ कराए गए।

– 4 बजे से आठ बजे तक करें व्रत पारण
संस्कृत विद्यालय बबेरू के प्रधानाचार्य पंडित ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि पंचमी और छठ एक साथ होने के कारण बुधवार को अष्टमी और गुरुवार को नवमी मानी गई है। नवमी तिथि गुरुवार को रात में 9 बजकर 51 पर समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि जब तक नवमी तिथि होती है, तभी तक दुर्गा जी के पूजा से संबंधित कार्य होते हैं। जो लोग उग्र चंडी की उपासना करते हैं, बलि आदि देते हैं, उनके लिए भी यही समय होगा। बताया कि नवमी के दिन सरस्वती का पूजन भी किया जाता है। नवमी के दिन दुर्गा का सिद्धिदात्री स्वरूप होता है। उपासना और हवन करने से मनुष्य के सारे कार्यों में सिद्धि प्राप्ति होती है। इसी के अंत में पारण होता है। आचार्य ने बताया कि गुरुवार को शाम चार बजे से लेकर रात्रि आठ बजे तक व्रत पारण का उचित समय है।

– देवी दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला
नवरात्र महोत्सव में चहुंओर मां की जय-जयकार हो रही है। अमृत की बरसे बदरिया अंबे मां की दुअरिया के साथ ही विभिन्न भक्ति गीत देवी मां के सभी दुर्गा पंडालों में गुंजायमान हो रहे हैं बुधवार के दिन माधव थोक स्थित दुर्गा पंडाल में जय मां दुर्गे नवयुवक बाल समाज समिति के द्वारा कन्या भोज भंडारा आयोजित किया गया। बुधवार को मंदिरों में श्रद्धालु भक्तों का क्रम पूजा अर्चन के लिए बना रहा शाम होते ही भक्तगण गांव में सजाए गए दुर्गा पंडालों में पहुंचकर मां की आरती पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

शारदीय नवरात्र पूरे 9 दिनों तक श्रद्धा भक्ति के बीच जोरो के साथ मनाया जा रहा है। मां जगत जननी की सेवा में भक्त कोई कसर भी नहीं छोड़ रहे। जगह-जगह कन्या भोज कराने का सिलसिला जोर शोर के साथ चल रहा है। गांव में सजे दुर्गा पंडालों में मां जगदंबे का प्रायः भव्य श्रृंगार के बीच विभिन्न स्वरूपों का श्रद्धालु भक्त आरती पूजन कर रहे हैं। बुधवार को भोर पहर से श्रद्धालु भक्त मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना किया जगह जगह देवी मां के विभिन्न भक्ति गीत गुंजायमान हो रहे हैं। बिलगांव सहित आसपास के गांव में शांतिपूर्ण तरीके से श्रद्धा भक्ति के बीच नवरात्र मनाई जा रही है।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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