- विनोद मिश्रा
बांदा। जिले की तिंदवारी विधानसभा सीट वीआईपी मानी जाती है। वर्तमान चुनाव में क्या इस सीट पर बसपा अपनी पिछली हार का बदला चुका लेगी? यह जन चर्चा बन गया है।

इस बार यंहा बसपा से जयराम सिंह, भाजपा छोड़ सपा में आये विधायक बृजेश प्रजापति, भाजपा से रामकेश निषाद एंव कांग्रेस से आदिशक्ति दीक्षित चुनावी मैदान में हैं। यह सीट दलित, क्षत्रिय और निषाद बाहुल्य मानी जाती है।

यहां कुल मतदाताओं की संख्या तीन लाख के आसपास है, जानकारी के मुताबिक एससी, क्षत्रिय और निषाद वोटर की संख्या लगभग बराबरी पर है। बाकी संख्या पर अन्य वोटर्स मतदान करते हैं। विधानसभा 2017 में एक दर्जन प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। लेकिन मोदी लहर में जीत भाजपा के ब्रजेश प्रजापति को मिली थी। उन्होंने बसपा के जगदीश प्रजापति को हराया था।

इस बार के चुनावी समीकरण उथल -पुथल है। बसपा से जयराम सिंह ऊंची छलांग लगाते दिखते है। समीक्षकों की माने तो ठाकुर, दलित, मुस्लिम,यादव एंव बहुसंख्या में निषाद “जयराम” बोल रहा है !

सपा, भाजपा, कांग्रेस भी जीत के लिये मतदाताओं में “मान मनौव्वल” कर रही है। कांग्रेस प्रत्याशी का ग्राफ भी ब्राह्मण मतदाताओं में बढ़ता माना जा रहा है। परिणाम किस दल के पक्ष में जायेगा वह तो दस मार्च ही बतायेगा।फिलहाल बसपा अपनी पिछली हार का बदला ले ले तो जनता की सोच के अनुसार कोई आश्चर्य नहीं होगा।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
