24.5 C
Lucknow
October 15, 2026
City News Uttar Pradesh
मेडिकल कॉलेज को मिला 'नया कवच': प्राचार्य के 'प्रयास' से एमपी तक 'मासूम' मारेंगे किलकारी
उत्तर प्रदेशबुंदेलखंड

मेडिकल कॉलेज को मिला ‘नया कवच’: प्राचार्य के ‘प्रयास’ एमपी तक ‘मासूम’ मारेंगे किलकारी

शरद मिश्रा सम्पादक सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • शरद मिश्रा

बांदा। मंडल के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रानी दुर्गावती राजकीय मेडिकल कॉलेज के कर्मठ प्राचार्य सुनील कौशल के प्रयास से बच्चों के इलाज को लेकर बड़ी पहल शुरू हो गई है। गंभीर हालत में पहुंचने वाले बाल रोगियों के लिए अब अलग ‘पीडियाट्रिक इमरजेंसी’ की सुविधा उपलब्ध हो गई है। इससे ‘बच्चों को तत्काल चिकित्सकीय निगरानी और उपचार’ मिल सकेगा।

कुलदीप सेंगर का भाई कैदी अतुल सिंह फरार: प्रशासनिक सिस्टम बेनकाब, 4 पुलिस कर्मियों पर मुकदमानई व्यवस्था शुरू होने के बाद यहां प्रतिदिन करीब 15 से 20 बाल रोगियों को भर्ती किया जा रहा है जिन्हें स्थिति सामान्य होने पर संबंधित वार्डों में शिफ्ट कर दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज में शुरू की गई बाल रोग इमरजेंसी में फिलहाल मॉनिटर और ऑक्सीजन की सुविधा से युक्त ‘पांच बेड’ लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है, जिन्हें आपात स्थिति में ‘चिकित्सकीय निगरानी’ की जरूरत होती है।

मेडिकल कॉलेज को मिला 'नया कवच': प्राचार्य के 'प्रयास' से एमपी तक 'मासूम' मारेंगे किलकारीइस नई इमरजेंसी सुविधा का लाभ केवल बांदा और चित्रकूटधाम मंडल के जिलों तक सीमित नहीं है। यहां बांदा, चित्रकूट, महोबा के साथ मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर से भी ‘बाल रोगी उपचार’ के लिए पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 15 से 20 बच्चों के इमरजेंसी में आने से इस ‘सुविधा की जरूरत और उपयोगिता का अंदाजा’ लगाया जा सकता है। वर्तमान समय में बाल रोग इमरजेंसी में सबसे अधिक झटके और डायरिया से संबंधित मरीज पहुंच रहे हैं।

मेडिकल कालेज स्टाफ नर्सों की कमी से बेहाल : स्वास्थ मंत्री नहीं दे रहे हैं ध्यान !बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें ‘तत्काल चिकित्सकीय निगरानी’ में लिया जा रहा है। ‘पांच बेड से शुरू हुई यह व्यवस्था भविष्य में मरीजों की जरूरत के अनुसार विस्तारित’ की जा सकती है। ‘मेडिकल कॉलेज की बाल रोग ओपीडी’ में भी ‘मरीजों का भारी दबाव’ है। ‘मंडल के चारों जिलों से प्रतिदिन करीब 1400 से 1500 मरीज ओपीडी’ में पहुंच रहे हैं। ऐसे में अलग बाल रोग इमरजेंसी शुरू होने से गंभीर बच्चों को सामान्य ‘ओपीडी की भीड़ से अलग कर तत्काल उपचार’ उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

निकाय चुनाव : चित्रकूट मंडल के बाशिंदों का मतदान के लिये उत्सुकता से मचल रहा है दिल

भाजपा ने सातवें चरण के लिए तैयार किया मेगा प्लान: पूर्वांचल की सीटों पर बनाई खास रणनीति

City News Uttar Pradesh

कालिंजर किला अरबों वर्ष पुराने रहस्य का बना साक्षी : राष्ट्रीय ‘भू-विरासत’ स्थल का मिला दर्जा

City News Uttar Pradesh

मरौली का लाल सोना धरती को रक्त से करेगा क्या लाल ? थानेदार अर्जुन एहतियातन हैं होशियार !

City News Uttar Pradesh

साथी संस्था की कारगुजारी से क्षेत्रवासी नाराज, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, जांच की मांग

City News Uttar Pradesh

बारह साल बाद “रनगवां बांध” में आई बहार : हुआ हाउस फुल, चार बार होगी “रबी” में सिंचाई

City News Uttar Pradesh
ब्रेकिंग न्यूज़