25.4 C
Lucknow
October 19, 2026
City News Uttar Pradesh
बांदा का 'गांव' बन गया 'देश दुनिया' की मिशाल: पर्यटन के 'नक्शे' पर चमका बोड़े पुरवा !
उत्तर प्रदेशबुंदेलखंड

बांदा का ‘गांव’ बन गया ‘देश दुनिया’ की मिशाल: पर्यटन के ‘नक्शे’ पर चमका बोड़े पुरवा !

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। यदि आपने “देश की आत्मा” को देखने के लिए “ग्रामीण भारत के दर्शन” नहीं किए और बांदा जिले के नरैनी तहसील के “बोड़े पुरवा गांव को नहीं देखा, तो आपका पर्यटन का शौक अधूरा” है। देश की टूटती ग्रामीण संस्कृति को “बचाने” की दिशा में इस “छोटे से गांव ने वह कर दिखाया है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक सुनाई” दे रही है।बांदा का 'गांव' बन गया 'देश दुनिया' की मिशाल: पर्यटन के 'नक्शे' पर चमका बोड़े पुरवा !इस “ऐतिहासिक पहल” के पीछे “देश की राष्ट्रीय सामाजिक संस्थाओं में शुमार विद्या धाम समिति का सहयोग और प्रेरणा” है। समिति के सचिव राजा भईया के “मार्गदर्शन” में बोड़े पुरवा ने श्रमदान से “सामाजिक सरोकार की ऐसी जीवंत मिसाल कायम” की है, जो अब देश-विदेश के पर्यटकों, शोधार्थियों और समाजसेवियों के लिए “आकर्षण का नया केंद्र” बन गई है।बांदा का 'गांव' बन गया 'देश दुनिया' की मिशाल: पर्यटन के 'नक्शे' पर चमका बोड़े पुरवा !गांव की “सबसे बड़ी पहचान” बनी है उसकी “एकता”। यहां सभी परिवारों ने मिलकर एक ही रंग से अपने घरों की दीवारों की पुताई की है, ताकि “पूरा गांव एक जैसा, एक परिवार जैसा दिखे”। यहां “कोई ऊंचा-नीचा नहीं, सब एक समान”। यह दृश्य देखने वालों को यह “एहसास” कराता है कि जब “पूरा गांव एक परिवार बन जाए तो उसका नाम बोड़े पुरवा बन” जाता है।बांदा का 'गांव' बन गया 'देश दुनिया' की मिशाल: पर्यटन के 'नक्शे' पर चमका बोड़े पुरवा !इसी “एकता को उत्सव” में बदलने के लिए “गांव में सामूहिक सहभोज का आयोजन” किया गया, जहां पूरा गांव एक साथ, एक थाली में बैठकर भोजन करता नजर आया। चारों तरफ “प्रेम और संगीत” का वातावरण था। इस पावन अवसर को ग्रामोदय विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के पूर्व अध्यक्ष लल्लूराम शुक्ल और प्रख्यात मृदंगाचार्य अवधेश द्विवेदी की मधुर प्रस्तुति ने और भी यादगार बना दिया।बांदा का 'गांव' बन गया 'देश दुनिया' की मिशाल: पर्यटन के 'नक्शे' पर चमका बोड़े पुरवा !कार्यक्रम में समाजसेवी प्रेमसागर दीक्षित, देश के वरिष्ठ पत्रकार मुकुंद गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता हनुमानदास, डॉ. सोहन लाल, विजय बहादुर और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वर्मा सहित कई गणमान्य लोगों ने पहुंचकर इस प्रयास को देश के लिए प्रेरक बताया। बोड़े पुरवा ने सिद्ध कर दिया है कि विकास केवल “ईंट-पत्थरों” से नहीं होता, बल्कि “दिलों को जोड़ने” से होता है और यही कारण है कि “आज यह गांव ग्रामीण पर्यटन का नया तीर्थ” बनता जा रहा है।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

पर्यटन मंत्री का सीमा पर अभूतपूर्व स्वागत : पूर्व विधायक दलजीत सिंह नें रचा इतिहास

बाढ़ का असर : सब्जियों की कीमत पर आई बाढ़,चढ़े दाम …

बिजली विभाग में “घी” की बहार : मंडल की जर्जर लाइनों का 396 करोड़ से होरहा कायाकल्प

City News Uttar Pradesh

Banda : महाशिवरात्रि, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजेशिवालय, वामदेव शिव मंदिर का अनोखा रहस्य ! …

City News Uttar Pradesh

डीएम के निर्देश : एक सप्ताह में श्रमिकों की बच्चियों का कराएं जन्म पंजीकरण

यूपी : पानी में मिला कोरोना वायरस, तीन जगह लिए गए सैंपल, गंगा में शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच …

ब्रेकिंग न्यूज़