- रिपोर्ट – आशीष यादव
बांदा। एक तरफ योगी सरकार किसानों को तरह-तरह की योजनाएं चलाकर आधुनिक कृषि और पशुपालन के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वही तहसील बबेरू के जामूं गांव में पशु अस्पताल नहीं है। इससे पशुपालकों को जब पशुवों का इलाज कराने में मुसीबतों का सामना करना पड़ता है, इसके अलावा गांव में सहकारी समिति न होने से किसानों को खाद बीज भी नहीं मिल पा रहा है, जांमू गांव के किसानों को छिछोरे सोसाइटी जाना पड़ता है वहां भी दिन दिन भर इंतजार करते हैं और शाम को खाली हाथ वापस आते है । सोसाइटी के अधिकारी कर्मचारी कह देते हैं कि खाद बीज नहीं है , किसानों का आरोप है कि सोसाइटी में जो लोग अतिरिक्त पैसा देते हैं उन्हीं को खाद बीज की सरकारी सुविधा मिल पाती है।

जामूं गांव के युवा समाजसेवी राजू प्रसाद , भाई शंकरलाल ,कुलदीप यादव, आशीष, बालकेस यादव ,राजा तिवारी, केपी राजपूत रामबाबू कोरी आदि लोगों ने बताया कि उनके गांव में अधिकांश लोग खेती और पशुपालन पर निर्भर होकर अपनी जीविका चला रहे हैं, लेकिन आज तक गांव में पशु अस्पताल नहीं है जिससे पशुओं को समय से उपचार न मिल पाने के कारण पशु मौत के गाल में समा जाते हैं। इससे किसानों का हौसला पशुपालन के प्रति पस्त है ,वहीं बताया गया कि गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो है लेकिन आधुनिक सुविधाएं न होने से स्वास्थ सुविधाओं का भी टोटा बना हुआ है, जब कोई बीमार पड़ता है तो उसे अतर्रा बबेरू बांदा की शरण इलाज के लिए लेनी पड़ती है ,जबकि योगी सरकार गांव में ही हर संभव सुविधाएं मुहैया कराए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे रखे हैं , गांव के लोगों नें शासन प्रशासन से पशु अस्पताल, खाद सोसाइटी आज सुविधाएं मुहैया कराए जाने की मांग की है।

( शरद मिश्रा- संपादक )
(सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )




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