
- शरद मिश्रा
बांदा। साइबर ठगों के हाथों “पैसा गंवाने” वाले लोगों के लिए “बड़ी राहत” की खबर है। अब तक “ठगी होने पर बैंक पल्ला झाड़” लेते थे, पर अब ऐसा नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर को “साफ” कर दिया है कि यदि “बैंक की लापरवाही” से आपके “खाते से रकम निकली तो नुकसान की भरपाई बैंक” को ही करनी पड़ेगी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने “डिजिटल ठगी” के मामलों पर सुनवाई करते हुए “आरबीआई से बैंकों की जवाबदेही” तय करने को कहा है। “पीठ” ने कहा कि “अगर बैंक जरूरी सावधानी और जांच में चूक” करते हैं और “ठग इसका फायदा” उठा लेते हैं तो “पीड़ित का पैसा बैंक” लौटाए। अदालत के “सवाल पर आरबीआई” ने बताया कि “नया सुरक्षा कवच” तैयार किया जा रहा है। अब खाते में कोई बड़ा या संदिग्ध लेनदेन होते ही उस पर कुछ समय के लिए रोक लगेगी। बैंक खाताधारक से उसकी “पुष्टि करेगा और डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी का शक होने पर नजदीकी थाने को भी सूचना” देगा। ये नियम 30 नवंबर तक अधिसूचित कर 31 दिसंबर से लागू करने की तैयारी है।
बांदा जिले में ही “इस साल साइबर ठग 6 करोड़ 33 लाख 89 हजार 415 रुपये हड़प” चुके हैं। साल 2026 में जिले में साइबर ठगी के 15 मुकदमे दर्ज हुए, 21 आरोपी पकड़े गए और 8 मामलों का निस्तारण हुआ। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर जिले से 2703 शिकायतें आईं, जिनमें से 1977 बंद हो चुकी हैं और 681 पर कार्रवाई जारी है। पुलिस ने अब तक 1 करोड़ 99 लाख 45 हजार 972 रुपये की रकम पीड़ितों को वापस कराई है, जबकि 3 करोड़ 46 लाख 45 हजार 291 रुपये होल्ड कराए गए हैं। पुलिस का कहना है कि “ठगी” होते ही तुरंत 1930 नंबर पर फोन कर “बैंक को सूचना” देने से “रकम को दूसरे खातों में जाने से रोका” जा सकता है।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
