- ( ब्यूरों रिपोर्ट )
लखनऊ। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की नीति के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तहसील प्रशासन को जिम्मेदार, पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि तहसील प्रशासन के भ्रष्टाचार की शिकायतों को प्राप्त करने के लिए अलग पोर्टल विकसित किया जाए। साथ ही, इसके तहत 50 अधिकारियों का एक पैनल बनाया जाए जो भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ग्राम्य विकास सेक्टर से जुड़े विभागों की कार्ययोजनाओं के प्रस्तुतीकरण के दौरान राजस्व विभाग के संदर्भ में यह निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीडीओ, तहसीलदार व एसडीएम अपने तैनाती स्थल पर ही निवास करें। यदि उनके पास सरकारी आवास हो तो ठीक अन्यथा किराये के मकान की व्यवस्था करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध कब्जे के खिलाफ सरकार के अभियान को जोरदार तरीके से जारी रखने की हिदायत दी। यह कहते हुए कि जमीन सरकारी हो या कि निजी, अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ बिना भेदभाव के कठोरतम कार्रवाई की जाए। गांवों में यह बड़े विवाद का कारण है। इससे कड़ाई से निपटा जाए। गोचर भूमि पर भी अवैध कब्जों को पड़ताल कर कार्रवाई की जाए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजस्व विभाग को आवेदन के 15 दिनों के अंदर जाति प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए कहा। नवजात शिशुओं को जन्म प्रमाण पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के लिए भी कहा।
उन्होंने कहा कि तय सीमा से अधिक भूमि खरीदने की अनुमति के लिए आनलाइन आवेदन की व्यवस्था होनी चाहिए। सभी प्रकार के सर्टिफिकेट और वाद दायर करने की आनलाइन व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर निर्विवाद वरासत के सभी मामलों में वरासत दर्ज कराई जाए। पैमाईश के लिए ई-फाइलिंग की व्यवस्था की जाए।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
