
- विनोद मिश्रा
बांदा। प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्राचीन धरोहर भवनों और किलों को पुनः विकसित कर उन्हें हेरिटेज पर्यटन स्थल, रिसॉर्ट, होटल, शादी गृह और होमस्टे के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कार्य पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा।

इस योजना के तहत बांदा का भूरागढ़ एवं रनगढ़ किला, महोबा का सेनापति महल, कुलपहाड़ महोबा का मस्तानी महल आदि हैं। इनको कैबिनेट ने मंजूरी भी दें दी है। पर्यटन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, इन धरोहर भवनों, किलों और पुरानी इमारतों का उपयोग फिर से किया जाएगा और इन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।

पर्यटन विभाग ने इन स्थलों को विकसित करने की विस्तृत योजना बनाई है। इसके तहत इन्हें माइस (मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन) एक्टिविटी सेंटर, म्यूजियम, हेरिटेज रेस्टोरेंट, बुटीक होटल, बैंक्वेट हॉल, एडवेंचर टूरिज्म थीम पार्क, वैलनेस सेंटर और हॉस्पिटैलिटी यूनिट के रूप में विकसित किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस पहल से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश सरकार की इस पहल से न केवल ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन मिलेगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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