- विनोद मिश्रा
बांदा। जिले में हुई नाव दुर्घटना में दो दर्जन से अधिक लोग अब भी लापता है हालांकि प्रशासन 17 लोगों के लापता होने की बात कह रहा हैं। रेस्क्यू आपरेशन घटना के दूसरे दिन सुबह से ही जारी है लेकिन कल मिले चार शवों के अतिरिक्त शुक्रवार को आपरेशन को कोई सफलता हाथ नहीं लगी !

बांदा में गुरुवार को युमना नदी में फतेहरपुर से मरका गांव जा रही एक नाव पलट गई थी। इस नाव में लगभग 50लोग सवार थे। इनमें से 13 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान चार शव भी बरामद किए गए।

शुक्रवार सुबह से ही जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद एवं मंत्री राकेश सचान की देखरेख में यमुना नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मंत्री रामकेश नें पीड़ित परिवारों को धैर्य बंधाया । मृतक आश्रितों को मुख्य मंत्री द्वारा चार -चार लाख रुपया की आर्थिक मदद घोषणा की जानकारी दी।

गुरुवार रात पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया था कि 30-35 लोगों से भरी एक नाव दोपहर बाद मरका थाना क्षेत्र के यमुना घाट से फतेहपुर जिले के जरौली घाट जा रही थी, तभी बीच जलधारा में हवा का झोंका आने से नौका डगमगा कर पलट गई. अभिनंदन ने बताया कि अब तक चार लोगों के शव नदी से निकाले जा चुके हैं और उनकी शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है।

जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने बताया कि तेज हवाओं की वजह से नाव अनियंत्रित होकर पलट गई।उन्होंने बताया कि मृतकों में दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल है।मृतकों की सटीक संख्या अभी पता नहीं चल पाई है। बताया कि 13 लोगों को बचा लिया गया है जबकि 17 लोग अब भी लापता हैं। जिनकी तलाश जारी है। हालांकि प्रत्यक्ष दर्शी नाव में पचास लोगों के लगभग सवार होने की बात करते है। अनुमान है की दो दर्जन से अधिक की जल समाधि हो गई है। फिलहाल आपरेशन जारी है।
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