– एसटीएफ के अपर पुलिस महानिदेशक है अमिताभ यश
- विनोद मिश्रा
उप्र स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अमिताभ यश चित्रकूट के बीहड़ पाठा में एक बार फिर हीरो बनकर उभरे हैं। उनके ही नेतृत्व वाली टीम ने साढ़े पांच लाख रुपये के इनामी गौरी यादव को ढेर किया। वर्ष 2007 में पाठा के सबसे बड़े डकैत शिवकुमार पटेल ददुआ को मार गिराने वाली टीम में शामिल रहे अमिताभ यश ने बीहड़ में डकैतों के इतिहास के ताबूत में अंतिम कील ठोकी है। शनिवार तड़के मुठभेड़ में गौरी यादव के ढेर होने बाद अब पाठा में दस्यु मुक्त हवा बही है। निकट भविष्य में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले डकैत का सफाया कई मायनों में महत्वपूर्ण भी होगा।

डकैतों के लिये ‘काल’ बन चुके अमिताभ यश का चित्रकूट की मानिकपुर तहसील अंतर्गत 110 ग्राम पंचायतों वाले बीहड़ इलाके को दस्यु मुक्त कराने में अहम रोल है। इन जंगलों को अपना घर समझने वाले डकैतों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने में उनका कोई सानी नहीं है। 22 जुलाई 2007 में ददुआ को झलमल के जंगल मे ढेर करने वाली एसटीएफ टीम में भी अमिताभ यश की ही रणनीति कारगर रही थी। इसके बाद ठोकिया, रागिया, बलखड़िया जैसे डकैतों ने भी उनके ऑपरेशन में पनाह मांगी।

– ठोकिया की गोलियों से शहीद हुए थे एसटीएफ के छह जवान, लिया बदला
बीहड़ में ददुआ को मारने के बाद एसटीएफ टीम का सीना चौड़ा हो गया था। कई सालों से आतंक के पर्याय ददुआ के खात्मे की कहानी लिख रही एसटीएफ टीम की सफलता पर पहले तो लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ। लोग ट्रैक्टरों, जीपों व दूसरे वाहनों से ददुआ को देखने पहुंचे थे। एसटीएफ टीम को उसी दौरान एक और बड़े डकैत पांच लाख के इनामी अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया लोकेशन मिली। हालांकि, वह निकल गया। वह पुलिस को देखते ही फायरिंग करता था। एसटीएफ टीम वापस लौट रही थी, तभी उसने चित्रकूट-बांदा के सीमावर्ती फतेहगंज थानाक्षेत्र अंतर्गत बघोलन का टीला बघोलनबारी वन चौकी के पास एसटीएफ पर हमला बोल दिया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ठोकिया की गोलियों से एसटीएफ जवान राजेश चौहान, बृजेश यादव, लक्ष्मण प्रसाद, गिरीश चन्द्र नागर, उमाशंकर यादव, ईश्वर देव सिंह शहीद हो गए थे। एक मुखबिर भी मारा गया था। इस घटना से लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हलचल मच गई थी। तत्कालीन पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह भी पहुंचे थे। हालांकि, इसके बाद एसटीएफ ने जाल बिछाया और करीब एक साल बाद चार अगस्त 2008 को उसी टीम ने ठोकिया को उसी के गांव में मुठभेड़ में ढेर करने में कामयाबी पाई। एसटीएफ के तत्कालीन एसएसपी के तौर पर अमिताभ यश ही तब भी उस टीम का नेतृत्व कर रहे थे। अब शनिवार तड़के एक और डकैत गौरी यादव के खात्मे से शहीद एसटीएफ जवानों के स्वजन को जरूर सुकून मिलेगा। वहीं, एसटीएफ टीम को अपने उस मुखिया पर फक्र होगा, जो उनका नेतृत्व कर रहा है। डकैतों के लिए एसटीएफ की लगातार कार्रवाई भी मिसाल बन गई है।

उप्र स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अमिताभ यश ने कहा कि चित्रकूट के बीहड़ पाठा की धरती डकैतों से अब पूरी तरह मुक्त हो गई है। ददुआ से लेकर बाकी डकैतों के मरने के बाद फिर नया गैंग पनपता रहा। पहली बार अब फिलहाल कोई गैंग पनपने की स्थिति नहीं दिख रही। फिर भी लगातार ऑपरेशन चलाते रहने की जरूरत है, जिससे ये धरती अब डकैत मुक्त रहे और कोई नया गैंग न पनप सके।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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