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October 13, 2026
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जन औषधि केंद्र की हालत बदतर: डाक्टर नहीं लिख रहे दवा, प्राइवेट मेडिकल स्टोर डाक्टरों को दे रहे खासा कमीशन
उत्तर प्रदेश

जन औषधि केंद्र की हालत बदतर: डाक्टर नहीं लिख रहे दवा, प्राइवेट मेडिकल स्टोर डाक्टरों को दे रहे खासा कमीशन

  • विनोद मिश्रा

बांदा। प्रधानमंत्री ने मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्रों की व्यवस्था की है। लेकिन डाक्टरों की मनमानी से जन औषधि केंद्रों तक मरीज व तीमारदार नहीं पहुंच पा रहे हैं। इक्का-दुक्का ही मरीज जन औषधि केंद्रों तक पहंुच पाते हैं। उसमें भी डाक्टर मरीजों को गुमराह कर देते हैं कि दवा अच्छी नहीं है। फायदा नहीं करती। प्राइवेट मेडिकल स्टोरों से दवा लो। मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है कि डाक्टरों को लगातार दिशा निर्देश दिए जाते हैं कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को जन औषधि केंद्रों की ही दवा लिखी जाए।

जन औषधि केंद्र की हालत बदतर: डाक्टर नहीं लिख रहे दवा, प्राइवेट मेडिकल स्टोर डाक्टरों को दे रहे खासा कमीशन
Condition of Jan Aushadhi Kendra worse: Doctors are not prescribing medicine, private medical stores are giving huge commission to doctors

– जिले में संचालित हैं पांच जन औषधि केंद्र

जिले में जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज समेत पांच जन औषधि केंद्र स्थापित हैं। इन केंद्रों पर ज्यादातर दवाएं मौजूद रहती हैं, लेकिन डाक्टर मरीजों को दवा नहीं लिखते हैं। कुछ डाक्टर ऐसे हैं जो मरीजों को दवाएं जन औषधि से लेने की बात कहते हैं। मरीज बताते हैं कि जन औषधि केंद्र से दवाएं लेकर वह लोग डाक्टर के पास दिखाने जाते हैं तो चिकित्सक उनको गुमराह कर देते हैं। कहते हैं कि यह सस्ती दवाइयां हैं, फायदा नहीं करतीं।

जन औषधि केंद्र की हालत बदतर: डाक्टर नहीं लिख रहे दवा, प्राइवेट मेडिकल स्टोर डाक्टरों को दे रहे खासा कमीशन
Condition of Jan Aushadhi Kendra worse: Doctors are not prescribing medicine, private medical stores are giving huge commission to doctors

प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवा लेकर आओ। दवाइयां वापस करनी पड़ती हैं। इतना ही नहीं मरीज के तीमारदार बताते हैं कि प्राइवेट मेडिकल स्टोरों से चिकित्सकों को अच्छा खासा कमीशन मिलता है। जन औषधि केंद्रों से चिकित्सकों को कमीशन नहीं दिया जाता। कमीशन के फेर में जन औषधि केंद्रों में मरीज नहीं फटक पाते। बताया जाता है कि जिले में 400 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस जारी किए गए हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल कुमार सिंह का कहना है कि डाक्टरों को समय-समय पर दिशा निर्देश दिए जाते हैं कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को जन औषधि केंद्रों की दवाएं उपलब्ध कराएं।

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 
 



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