24.6 C
Lucknow
October 11, 2026
City News Uttar Pradesh
बांदा गेहूं खरीद में 'फिसड्डी' : बुंदेलखंड के अन्य जिलों ने मारी बाजी, हमीरपुर बना सिरमौर
उत्तर प्रदेश

बांदा गेहूं खरीद में ‘फिसड्डी’ : बुंदेलखंड के अन्य जिलों ने मारी बाजी, हमीरपुर बना सिरमौर

विनोद कुमार मिश्रा ( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

  • विनोद मिश्रा

बांदा। सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के महाअभियान में बुंदेलखंड के चार जिलों ने जहां रिकॉर्ड प्रदर्शन कर अपनी प्रशासनिक क्षमता और किसान-हितैषी नीति का दम दिखाया, वहीं बांदा जिले ने खुद को एक बार फिर से नाकामी की सूची में सबसे नीचे दर्ज कराया। हमीरपुर, महोबा, झांसी और जालौन ने वह कर दिखाया जो हर साल सिर्फ आकड़ों में सिमटकर रह जाता था तय लक्ष्य से ज्यादा खरीद, समय से भुगतान और किसान का भरोसा।

बांदा गेहूं खरीद में 'फिसड्डी' : बुंदेलखंड के अन्य जिलों ने मारी बाजी, हमीरपुर बना सिरमौर

लेकिन बांदा, जो बुंदेलखंड का सबसे चर्चित कृषि प्रधान जिला माना जाता है, वहां खरीद केंद्रों की अनदेखी, अफसरों की लापरवाही और किसानों की उपेक्षा ने जिले को फिसड्डी बना दिया। लक्ष्य के सापेक्ष 100.27 प्रतिशत खरीद कर हमीरपुर पहले पायदान पर है। वहीं, महोबा 99.05 प्रतिशत के साथ दूसरे, 84.05 प्रतिशत के साथ झांसी तीसरे और 61.48 प्रतिशत खरीद के साथ जालौन चौथे स्थान पर है। बांदा को फिसड्डी तमगा हासिल हुआ। कृषि प्रधान जिला होने के बावजूद बांदा में गेहूं खरीद केंद्रों की संचालन व्यवस्था पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से यह शिकायतें लगातार सामने आती रहीं कि केंद्रों पर बारदाना नहीं है, कई केंद्र बंद मिले, और तुलाई में मनमानी की गई।

बांदा गेहूं खरीद में 'फिसड्डी' : बुंदेलखंड के अन्य जिलों ने मारी बाजी, हमीरपुर बना सिरमौर

यही वजह रही कि किसान प्राइवेट व्यापारियों के हाथों कम दाम में गेहूं बेचने को मजबूर हुए। हर साल लक्ष्य से पीछे रहने वाला झांसी मंडल इस बार सरकार के समर्थन मूल्य कार्यक्रम में अचानक से सक्रिय हो गया। इस बार 15 अप्रैल से ही मंडियों में बंपर आवक शुरू हो गई। 1.48 लाख एमटी खरीद लक्ष्य में से 88,774 एमटी की रिकॉर्ड खरीद की गई। पिछले साल 69,539 एमटी की तुलना में 19,235 एमटी अधिक गेहूं की खरीद हुई। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि बुंदेलखंड के चार जिलों में किसानों को समय पर भुगतान किया गया, जिससे सरकारी खरीद में किसानों का विश्वास बढ़ा। वहीं, बांदा में किसानों को बार-बार भुगतान में देरी और केंद्रों पर अफसरों की उदासीनता का सामना करना पड़ा।

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

किसान अब “उमा को बोलेंगे आई लव यू”: “मोहब्बत” जगाने के प्रयास शुरू

City News Uttar Pradesh

बांदा में बालू माफियाओं और पुलिस बेरुखी से थर्राया मरौली गांव ! पहुंचा डीएम एसपी के”ठांव”

City News Uttar Pradesh

चित्रकूट : टाप टेन का 25 हजार का इनामिया अपराधी गिरफ्तार …

मानिकपुर- सतना मार्ग पर बाघ की चहलकदमी से फैली दहशत, जंगलों में दो दिनों से दहाड़ की आ रही आवाजें

City News Uttar Pradesh

जीएसटी सुधार पर सीएम योगी का बड़ा बयान: घर, किसान और उद्योग को मिलेगा सीधा फायदा

City News Uttar Pradesh

ज्वाला कप फाइनल प्रदेश में गूंजा: अयोध्या नें जीता मुकाबला, सुनील पटेल की चहुंओर प्रशंसा

ब्रेकिंग न्यूज़