28 C
Lucknow
October 13, 2026
City News Uttar Pradesh
जब भूख ने 'कलम' छीन ली: पत्रकार सौरभ 'दीपू' की मौत और समाज के मुंह पर 'तमाचा'
उत्तर प्रदेश

जब भूख ने ‘कलम’ छीन ली: पत्रकार सौरभ ‘दीपू’ की मौत और समाज के मुंह पर ‘तमाचा’

विनोद कुमार मिश्रा ( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )

  • विनोद मिश्रा

बांदा। जब कोई पत्रकार दम तोड़ता है, तो एक कलम नहीं, पूरा समाज खामोश हो जाता है। और जब मौत की वजह पेट की भूख हो, तब ये मौत नहीं, हमारी सामूहिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा होती है। शनिवार की सुबह बांदा के युवा पत्रकार सौरभ श्रीवास्तव ‘दीपू’ ने अंतिम सांस ली। “उनकी मौत सिर्फ एक जीवन का अंत नहीं,बल्कि उस व्यवस्था की चीर-फाड़ है, जो पत्रकारों से आदर्श की उम्मीद तो रखती है, लेकिन उनके जीवनयापन की बुनियादी जरूरतों से आंखें चुरा” लेती है। दीपू की मौत भूख, तंगी और तिरस्कार का मिला-जुला परिणाम है। एक ऐसा पत्रकार, जो कभी लोगों की आवाज़ बनता था,वो खुद दम तोड़ गया क्योंकि उसके घर में दो वक़्त की रोटी नहीं थी ! पत्रकारों को अक्सर “चौथा स्तंभ” कहने वाले समाज और नेता, जब वही पत्रकार जिंदगी और मौत के बीच झूलता है, तो सब मौन हो जाते हैं !

जब भूख ने 'कलम' छीन ली: पत्रकार सौरभ 'दीपू' की मौत और समाज के मुंह पर 'तमाचा'

दीपू की मौत इस खामोशी का शोर बन गई है! एक ओर समाज उन्हें कर्तव्य की दुहाई देता है, दूसरी ओर उनकी आर्थिक हालत को “व्यक्तिगत समस्या” कहकर पल्ला झाड़ लेता है। ये कैसी विडंबना है ? सरकारी योजनाएं, पत्रकार कल्याण निधि, बीमा, आपात सहायता,सभी सिर्फ कागज़ों तक सिमटी रहीं ! बांदा जैसे ज़िले में जहां पत्रकार लगातार प्रशासनिक लापरवाही, भ्र्ष्टाचार और आम आदमी की समस्याओं को उजागर करते हैं, वहीं जब खुद पत्रकार संकट में होता है, तो न कोई अफसर आगे आता है, न कोई मंत्री, न कोई जनप्रतिनिधि। दीपू तो अब इस दुनिया में नहीं रहा। शनिवार की शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन वो जलते हुए सवाल छोड़ गया ? जो हर उस व्यक्ति को झकझोरता है जो पत्रकारों को सिर्फ ‘सेवा’ के चश्मे से देखता है, पर उनके जीवन को जीने लायक नहीं बनाता ! जो लोग पत्रकारों को आदर्शवाद, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा की कसौटी पर कसते हैं, क्या कभी उन्होंने सोचा कि एक पत्रकार के भी बच्चे होते हैं  घर होता है? बिजली का बिल आता है, रोटी पकाने के लिए आटा चाहिए, और शरीर चलाने के लिए भोजन ? “क्या पत्रकार सिर्फ ‘समाज सुधारक’ हैं या इंसान भी ?”

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

यूपी: सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में लगाई जाएगी जायडस वैक्सीन, 28-28 दिन के अंतराल पर दिए जाएंगे तीन डोज

City News Uttar Pradesh

कानपुर से अपहरण कर युवक को बांदा पुलिस ने कराया आजाद, अपहरण कर्ताओं ने हाथ, पैर और मुंह बांधकर छोड़ दिया था जंगल में

City News Uttar Pradesh

बांदा में धीरेन्द्र शास्त्री का ‘सजेगा’ दिव्य दरबार : ‘हनुमंत कथा’ बनेगी ‘आस्था का केंद्र’

City News Uttar Pradesh

गजब महोबा : बच्चों के टीकारण में प्रदेश में पाया चौथा स्थान …

प्रधान बन गया भ्रष्टाचार का पर्याय ? दबंगई के बल पर कर रहा खेला !

City News Uttar Pradesh

Banda : दूसरे चरण में शहर से लेकर गांवों तक कोरोना वैक्सीनेशन का हुआ पूर्वाभ्यास…

City News Uttar Pradesh
ब्रेकिंग न्यूज़