विनोद मिश्रा
बांदा। बुंदेलखंड में सूरज की जबरदस्त तपिश ने देश की चुनिंदा सौर ऊर्जा कंपनियों को तेजी से आकर्षित किया है। यहां निजी क्षेत्र की सौर ऊर्जा उत्पादन कंपनियां लगातार अपना दायरा बढ़ाने में जुटी हैं। अब इसमें अडाणी ग्रुप भी कूद पड़ा है। बुंदेलखंड के सातों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर में अब तक आधा दर्जन से ज्यादा सौर ऊर्जा प्राइवेट कंपनियां अपने बिजली घर स्थापित कर चुकी हैं। इनसे साढ़े 500 मेगावाट से ज्यादा बिजली रोजाना मिल रही है।
इसी श्रृंखला में धर्म नगरी चित्रकूट में अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने 25 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र हाल ही में शुरू किया है। उत्तर प्रदेश में बिजली उत्पादन और मांग में काफी अंतर रहा है। खपत लगातार बढ़ रही है। प्रदेश सरकार के उपक्रम यूपी पावर कारपोरेशन के थर्मल व अन्य बिजली घर मांग के मुताबिक बिजली उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में निजी क्षेत्र की सौर ऊर्जा कंपनियों को मौका मिला है। बुंदेलखंड में सूरज सबसे ज्यादा तपिश का कहर बरपाता है। सूर्य की यह तीव्रता सौर ऊर्जा के लिए सोने में सुहागा है, इसलिए पिछले कई वर्षों से सौर ऊर्जा कंपनियां बुंदेलखंड में अपने बिजली घर लगातार स्थापित कर रही हैं।

सौर ऊर्जा से अब तक अछूते रहे विश्व प्रसिद्ध धार्मिक क्षेत्र चित्रकूट में भी अब सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू हो गया है। यहां अडाणी सोलर एनर्जी लिमिटेड ने छीबों गांव में 25 मेगावाट का सौर ऊर्जा यंत्र चालू कर दिया है। यहां 50 मेगावाट का संयंत्र और लगेगा। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के बांदा स्थित 220 केवी सब स्टेशन अधिशासी अभियंता (ट्रांसमीशन) रवि वर्मा ने बताया कि छीबों के सौर ऊर्जा प्लांट में पैदा होने वाली बिजली पावर कारपोरेशन के मऊ और चित्रकूट सब स्टेशन में ली जाएगी। दिन में पैदा होने वाली यह बिजली क्षेत्र में आपूर्ति की जाएगी। बताया कि रात में सौर ऊर्जा उत्पादन बंद होने के बाद प्लांट को जरूरत के मुताबिक बिजली सब स्टेशन से दी जाएगी।
बुंदेलखंड में सौर ऊर्जा प्लांट, उत्पादन और कंपनियां
बांदा- 25 मेगावाट (अज्योर पावर प्लांट)
चित्रकूट- 25 मेगावाट (अडाणी सोलर एनर्जी लिमिटेड)
महोबा/हमीरपुर- 200 मेगावाट (अडाणी, सुखवीर, स्पाइनल सौर ऊर्जा कंपनियां)
उरई- 130 मेगावाट (अज्योर, जैक्शन)
झांसी- 70 मेगावाट (अडाणी, यूपी नेडा)
ललितपुर- 70 मेगावाट (सुखवीर, समाविष्ट, जैक्शन)
चित्रकूट का प्लांट 30 तक चालू होगा
चित्रकूट जिले के मऊ छीबों गांव में 50 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट लगाया गया है। यह 30 जनवरी को चालू होने की उम्मीद है। इसकी क्षमता 50 मेगावाट है। इसके चालू हो जाने पर चित्रकूट जिले में दो सौर ऊर्जा यंत्रों की कुल क्षमता 75 मेगावाट हो जाएगी। इस प्लांट से चित्रकूट जिले के सरैंया गांव में स्थित 220 केवी सब स्टेशन को दिन में बिजली आपूर्ति की जाएगी। इससे कर्वी नगर आदि को आपूर्ति होगी।
कई वर्षों से ऊर्जा दे रहे हैं सौर ऊर्जा प्लांट
बुंदेलखंड में सौर ऊर्जा प्लांटों की स्थापना की शुरुआत कई वर्षों पूर्व हुई थी। वर्ष 2016 में पनवाड़ी (महोबा) और हमीरपुर में लगाए गए प्राइवेट सौर ऊर्जा प्लांटों से लगभग 200 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है। बांदा जिले में चहितारा गांव में 20 मेगावाट का सौर ऊर्जा प्लांट भी वर्ष 2016 से चल रहा है। इसमें उत्पादित हो रही 20 मेगावाट बिजली बांदा में स्थित पावर कारपोरेशन के 220 केवी सब स्टेशन को आपूर्ति हो रही है। इसके पहले ललितपुर में वर्ष 2013 में 70 मेगावाट का सौर ऊर्जा प्लांट चालू हुआ था।

( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )



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