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October 11, 2026
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गजब का अंधेर : एक इंच जमीन नहीं फिर भी पा रहे हैं किसान सम्मान निधि
उत्तर प्रदेश

गजब का अंधेर : एक इंच जमीन नहीं फिर भी पा रहे हैं किसान सम्मान निधि

  • विनोद मिश्रा

बांदा। गजब का खेल हो रहा है जो अंधेरगर्दी की दास्तां बन चुका है। हजारों किसानों के पास जमीन न होने पर भी वह सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से किसानों के लिए शुरू की गई “किसान सम्मान निधि योजना” बांदा में मजाक बन गई है। जिनके पास 1 इंच जमीन भी नहीं, उन किसानों को सम्मान निधि दी जा रही है। इतना ही नहीं मंडल के 18,000 ऐसे लाभार्थी भी पाए गए हैं। जिनकी मृत्यु हो चुकी है, फिर भी उनके खातों में सम्मान निधि की धनराशि जा रही है।

गजब का अंधेर : एक इंच जमीन नहीं फिर भी पा रहे हैं किसान सम्मान निधि
Amazing darkness: Farmers are still getting Samman Nidhi, not even an inch of land

यह लापरवाही भूलेख अंकन के सत्यापन से उजागर हुई,जिससे विभाग ने भूमिहीन किसानों की सम्मान निधि रोकने और मृतक किसानों के परिजनों से रिकवरी के आदेश दिए। किसान सम्मान निधि का लाभ अपात्र किसानों द्वारा उठाए जाने की लगातार मिल रही शिकायत के बाद सरकार ने भूलेख अंकन सत्यापन का निर्णय लिया था। मंडल में 8,24,501 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। अपात्रों की छानबीन के लिए आधार और भूलेख अंकन सत्यापन का कार्य 2,365 राजस्व गांव में शुरू हुआ। सत्यापन के कार्य में 2,000 से अधिक राजस्व कर्मचारियों की टीमें लगाई गई थीं। इस दौरान 6,54,246 किसानों के भूलेख अंकन सही पाए गए।

गजब का अंधेर : एक इंच जमीन नहीं फिर भी पा रहे हैं किसान सम्मान निधि
Amazing darkness: Farmers are still getting Samman Nidhi, not even an inch of land

इन्हें पीएम पोर्टल पर अपलोड किया गया। सत्यापन के दौरान 7,624 ऐसे लाभार्थी पाए गए, जिनके पास 1 इंच जमीन भी नहीं है, फिर भी उन्हें इस योजना का लाभ मिल रहा है और इनके खाते में निधि का पैसा जा रहा है।इस बात का भी खुलासा भी हुआ की 1,04,351 ऐसे भी किसान हैं, जो काम मिलने के कारण गैर राज्यों में जाकर मेहनत मजदूरी कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री सम्मान निधि का भी पैसा हड़प रहे हैं। मौके पर न मिलने पर इन किसानों के भूमि का अंकन भी नहीं किया गया है। सत्यापन के दौरान जिस तरह की लापरवाही उजागर हुई है।

उससे तय है कि विभागीय अधिकारियों और राजस्व विभाग योजना का लाभ लेने वाले किसानों के अभिलेखों का सही ढंग से सत्यापन नहीं किया था। इसी तरह चित्रकूट मंडल में 18,348 ऐसे लाभार्थी भी पाए गए हैं, जिनकी मौत हो चुकी है, फिर भी उनके खातों में पीएम सम्मान निधि का पैसा जा रहा है। सत्यापन के दौरान पात्रों द्वारा सम्मान निधि का लाभ लेने और मृतकों के परिजनों द्वारा निधि का पैसा हड़पने की जानकारी मिलते ही विभाग में हड़कंप मचा रिकवरी की जा रही है।

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 

 
 



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