- विनोद मिश्रा
बांदा। बांदा शहर में जल संकट मंडराने लगा हैं। इससे निपटने के लिये “विभागीय अधिकारी निःचिंत भाव से विभागीय बजट की चुपड़ी रोटी खाकर तंदरुस्त” हो रहे हैं। केन नदी से जल संस्थान एक दर्जन से ज्यादा नगरीय व ग्रामीण पेयजल योजनाएं संचालित कर रहा है। बांदा शहर के बड़े हिस्से को केन नदी से जलापूर्ति होती है।

जलस्तर घटने से जल संस्थान के पानी में तीन एमएलडी की कमी आ गई है। नदी से 9 एमएलडी पानी लिया जा रहा था, लेकिन बमुश्किल 8 एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है।

नदी की जलधारा सिकुड़ जाने से इंटेकवेल को पानी पहुंचाने में काफी जद्दोजेहद है। इनटेक बेल तक बालू का भराव हैं। हालात एवं विभागीय लापरवाही संकेत दें रहे हैं की आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। मई, जून माह में स्थिति और भी भयावह हो जाने की संभावना हैं।

जिला मुख्यालय की बात करें तो शहर के सभी 31 वार्डों में जर्जर पाईप लाईने बिछी हुई हैं। चार दशकों से पुरानी लाइने चलनी सी हो गई हैं परिणाम स्वरूप दूषित पेयजल लोगों के स्वास्थ को बीमारियों में झोंक रहा हैं।

आश्चर्य की बात यह हैं की पेयजल के लिये जो जल संस्थान को बजट मिल रहा हैं कथित तौर पर उसका अधिकांश भाग कागजों में खर्च हो रहा हैं। बजट का भारी -भरकम भाग अधिकारी गटक कर अपनी धन प्यास बुझा रहे हैं। जल संकट से निपटने के लिये जल संस्थान चिंता मुक्त हो इस कहानी को चरितार्थ कर रहा हैं जैसे रोम जल रहा था और वंहा का शासक चैन की बंसी बजा रहा था।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://newsreach-publishers.s3.ap-south-1.amazonaws.com/citynewsuttarpradesh.in/2018/06/Picsart_22-08-23_02-31-51-905-scaled.jpg)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
