बांदा। अतर्रा-बिसंडा के दुर्दिन समाप्त होते नजर नहीं आ रहे।उच्च अधिकारियों के निर्देश भी कार्यदाई संस्था पर बेअसर साबित हो रहें हैं। मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार द्वारा सड़कों के निर्माण पर लगातार दिए जा रहे जोर और निर्माण में तेजी लाने के निर्देश यहां झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे से जुड़ी बिसंडा-अतर्रा सड़क पर बेअसर हैं। लगभग 11 करोड़ रुपये लागत की 17 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर मंडलायुक्तऔर जिलाधिकारी के निर्देश पर भी कार्य की गति में तेजी नहीं आ सकी।
सड़क चौड़ीकरण-निर्माण का कार्य आरईएस पीएमजीएसवाई द्वारा कराया जा रहा है। अनुबंध के मुताबिक 5 जुलाई 2020 से शुरू हुआ यह काम अगले वर्ष 4 मार्च को खत्म हो जाना चाहिए। लेकिन काम की धीमी गति नौ दिन चलें अढ़ाई कोस की कहानी चरितार्थ कर रही है। इस गति के चलते यह सड़क निर्माण समय से यह संभव प्रतीत नहीं हो रहा है।
बारिश में सड़क के किनारे की गई खुदाई राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। कई स्थानों पर सड़क में कटानें और दोनों तरफ पानी भरा है। यहां कभी भी हादसे में ग्रामीणों की जान जा सकती है।
बताया गया है कि अनुबंध के मुताबिक दो माह में 25 प्रतिशत कार्य हो जाना चाहिए, लेकिन यह आंकड़ा काफी पीछे है। ग्रामीणों ने कहा कि खुदी सड़क में वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। यहां कोई सुरक्षा संबंधी संकेत बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं।

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