- विनोद मिश्रा
बांदा। बांदा की चालिसवीं सदी की चोरी गई मूर्ति मकर संक्रांति को स्वदेश लौट आई। देवी का जयकारा गूंज उठा। बुंदेलखंड के बांदा जिले में लोखरी मंदिर की यह मूर्ति हैं ! यह लोखरी मंदिर में स्थापित एक योगिनी का हिस्सा है, जिसे अब नई दिल्ली में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को मिलेगा।

यहां इंडिया हाउस में आयोजित एक समारोह में गायत्री कुमार ने कहा कि मकर संक्रांति पर इस योगिनी को प्राप्त करना बहुत शुभ है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2021 में उच्चायोग को इसके बारे में अवगत कराए जाने के बाद प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी हुई। इसे अब एएसआई को भेजा जाएगा और वे इसे राष्ट्रीय संग्रहालय को सौंप देंगे।

गायत्री कुमार ने पेरिस में अपने राजनयिक कार्यकाल के दौरान सुखद संयोग को याद किया कि भैंस के सिर वाली वृषणा योगिनी की एक और प्राचीन मूर्ति लोखरी के उसी मंदिर से चुराई गई थी, बरामदगी के बाद भारत वापस भेज दी गई थी। सितंबर 2013 में इसे नई दिल्ली में राष्ट्रीय संग्रहालय में स्थापित किया गया था। बकरी के सिर वाली योगिनी 1980 के दशक में लोखरी से लापता हो गई थी और 1988 में लंदन में कला बाजार में कुछ समय के लिए सामने आई थी।
( शरद मिश्रा- संपादक )
( सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश )


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