
- शरद मिश्रा
बांदा। योगी सरकार के “गड्ढा मुक्त” अभियान की “धज्जियां” उड़ाता “बांदा-टांडा राजमार्ग” आज “भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी” की “जीती जागती” मिसाल बन गया है। सवाल सिर्फ “गड्ढों का नहीं, बल्कि उस सिस्टम” का है जो “गड्ढों के नाम पर हर साल” लाखों रुपये “निगल” जाता है। स्थानीय लोगों ने “कैमरे पर जो हकीकत” दिखाई, उसने “पीडब्लूडी के मरम्मत कार्य” की पूरी “कलई एक ही दिन में खोल” दी। कल तक जिन “गड्ढों में गिट्टी डालकर” मरम्मत का “ढिंढोरा” पीटा गया था,आज वहां “गिट्टी का नामोनिशान” तक नहीं है। सड़क फिर से “मौत के गड्ढों में तब्दील” हो गई है।
बांदा-टांडा मार्ग से रोजाना हजारों “भारी वाहन” गुजरते हैं। यही मार्ग “बांदा को कई जिलों से जोड़ता” है, लेकिन इसकी हालत देखकर लगता है “जैसे सड़क नहीं, खेत की पगडंडी” हो। “गड्ढों में पानी, पानी में गिट्टी और गिट्टी के साथ बहता भ्रष्टाचार”, यही है इस “मार्ग की सच्चाई”।
वाहन चालकों का कहना है कि “गड्ढों से बचने के चक्कर में रोजाना हादसे” होते-होते बचते हैं। अगर एक दिन में ही मरम्मत उखड़ गई तो साफ है कि “न तो सामग्री की गुणवत्ता ठीक थी और न ही तकनीक”। फिर प्रश्न उठता है कि मरम्मत के नाम पर जो लाखों का बजट आया था, वह आखिर “कमीशन की किस जेब में दफ़न” हो गया?
स्थानीय लोगों का “आरोप” है कि इसी “मार्ग” से “जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों का काफिला गुजरता” है, फिर भी “सबकी आंखें बंद” हैं। क्या “बिना मिलीभगत के इतनी घटिया मरम्मत” संभव है? आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है ठेकेदार,अभियंता या फिर वो सिस्टम जो हर गड्ढे पर अपना कमीशन तय करता है ? देखना होगा कि “खबर प्रकाशित” होने के बाद “जिम्मेदारों की नींद टूटती” है या फिर बांदा-टांडा मार्ग ऐसे ही “हादसों को दावत” देता रहेगा।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
