
- विनोद मिश्रा
बांदा। जिले में “जनसुनवाई की सबसे बड़ी प्रणाली आईजीआरएस को 36 विभागों ने पूरी तरह मजाक” बना दिया है। जनशिकायतों के “निस्तारण” में “निकम्मापन और घोर लापरवाही” बरतने पर इन “विभागों की रैंकिंग धड़ाम” हो गई है, जिससे जिलाधिकारी अमित आसेरी “बेहद चिंतित और सख्त नाराज” हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई “आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में जब 36 विभागों की खराब प्रगति रिपोर्ट” सामने आई तो डीएम का “पारा चढ़” गया। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस मुख्यमंत्री की “सर्वोच्च प्राथमिकता” है, जनता की उम्मीद है, लेकिन “अफसर” इसे सिर्फ पोर्टल पर “खानापूर्ति” समझ रहे हैं। उन्होंने “चिंता” जताते हुए कहा कि “शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण नहीं होना गंभीर” है। सिर्फ कंप्यूटर में निस्तारित लिख देने से “जनता का भरोसा” नहीं जीता जा सकता। अफसरों को “फील्ड में जाकर समाधान” करना होगा।
नाराज डीएम ने सभी 36 विभागों के अधिकारियों को “दो से तीन” दिन का “अल्टीमेटम देते हुए सख्त निर्देश” दिए कि हर हाल में 75 प्रतिशत से “अधिक प्रगति लाकर रैंकिंग सुधारें”। इतना ही नहीं, बैठक से “गायब” रहने वाले “लापरवाह अधिकारियों पर भी गाज गिरी” है। डीएम ने प्रभारी अधिकारी “आईजीआरएस” को आदेश दिया कि अनुपस्थित अधिकारियों को “कारण बताओ नोटिस” जारी कर “व्यक्तिगत रूप से तलब” किया जाए और उनसे स्पष्टीकरण लिया जाए। डीएम की इस “सख्ती के बाद विभागों में हड़कंप” मचा हुआ है।
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_0000000055a072089a09490a85573f53-683x1024.png)
![Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh](https://citynewsuttarpradesh.in/wp-content/uploads/2026/05/file_00000000022872078732ec3f33441b29.png)
Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.
