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October 14, 2026
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किसान नेता बबलू सिंह बोले: कृषि ही 'किसान का धर्म और ईमान', जमीन ही 'असली पूंजी'
उत्तर प्रदेश

किसान नेता बबलू सिंह बोले: कृषि ही ‘किसान का धर्म और ईमान’, जमीन ही ‘असली पूंजी’

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव बबलू सिंह ने कहा है कि किसान चाहे ‘नौकरी में हो या व्यापार में,उसका असली धर्म, कर्म और ईमान कृषि’ ही है। कृषि भूमि ‘किसान की मां’ है और वही उसकी सबसे ‘बड़ी पालनहार’ भी है। जब तक किसान अपनी भूमि को सर्वोच्च मानेगा, तब तक उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

किसान नेता बबलू सिंह बोले: कृषि ही 'किसान का धर्म और ईमान', जमीन ही 'असली पूंजी'

एक खास बातचीत में बबलू सिंह ने किसानों को दूरगामी सोच के साथ खेती और जमीन के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, उत्पादन भी बढ़ेगा, लेकिन कृषि भूमि लगातार घटती जा रही है। यही वह सबसे बड़ी सच्चाई है, जिसे किसान को समझना होगा और अपनी जमीन को हर हाल में बचाकर रखना होगा।

किसान नेता बबलू सिंह बोले: कृषि ही 'किसान का धर्म और ईमान', जमीन ही 'असली पूंजी'

उन्होंने कहा कि कृषि भूमि का होना ईश्वर का दिया हुआ वरदान है। आज शहरों के आसपास जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसे में यदि किसी मजबूरी में किसान जमीन बेचता भी है तो उस पैसे का उपयोग महंगी गाड़ियां खरीदने या गैर-जरूरी खर्चों में नहीं करना चाहिए। बेहतर है कि उस धन से छोटे गांवों में अधिक कृषि भूमि खरीदी जाए,ताकि भविष्य सुरक्षित रह सके।

किसान नेता बबलू सिंह बोले: कृषि ही 'किसान का धर्म और ईमान', जमीन ही 'असली पूंजी'

ट्रैक्टर खरीद को लेकर भी बबलू सिंह ने किसानों को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि कई किसान केवल सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए ट्रैक्टर खरीद लेते हैं, जबकि ट्रैक्टर और उसकी एक्सेसरीज पर 7 से 10 लाख रुपये तक का खर्च आता है। ट्रैक्टर उन्हीं किसानों को खरीदना चाहिए जिनके पास पर्याप्त भूमि हो और जिनके लिए यह वास्तव में जरूरी हो। छोटी जोत वाले किसान किराए के ट्रैक्टर से खेती कर सकते हैं, जिससे अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचा जा सके।

किसान नेता बबलू सिंह बोले: कृषि ही 'किसान का धर्म और ईमान', जमीन ही 'असली पूंजी'

खेती के पैटर्न पर बात करते हुए किसान नेता ने कहा कि किसान को गेहूं और धान उतना ही बोना चाहिए, जितना परिवार की जरूरत हो। अधिक लाभ के लिए दलहन, तिलहन और सब्जियों की खेती पर जोर देना चाहिए, क्योंकि इनमें बेहतर दाम मिलते हैं। किसान नेता बबलू सिंह ने किसानों को भविष्य की तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि किसानों को सबसे अधिक खर्च अपने बच्चों की शिक्षा पर करना चाहिए। तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा ही आने वाले समय में किसानों के परिवारों को आत्मनिर्भर बनाएगी।

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 

 

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